-बांद्रा-उदयपुर यात्री गाड़ी में सोना लूटने वाले सरगना ने खोला राज
-अब लूट का सोना खरीदने वाले सर्राफा व्यवसायियों को तलाश रही रेलवे पुलिस
चित्तौडग़ढ़. बांद्रा-उदयपुर यात्री गाड़ी के स्लीपर कोच में शंभूपुरा के निकट लूटे गए पौने तीन करोड़ रूपए कीमत के ८.४८ किलोग्राम सोने से निर्मित आभूषण आरोपियों ने अहमदाबाद के कुछ सर्राफा व्यवसायियों को बेच दिए। लूट का सोना खरीदने वाले व्यवसायी भी अब भनक लगने पर दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए हैं। रेलवे पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार ८ जनवरी २०१९ को परिवादी यश गोल्ड मुंबई के कर्मचारी नरेन्द्र कुमार व विपुल रावल ने रेलवे थाना चित्तौडग़ढ़ में रिपोर्ट दी थी कि वे ६ जनवरी को बांद्रा-उदयपुर एक्सप्रेस के कोच एस-४ में बोरीवली से उदयपुर जाने के लिए सवार हुए थे। रास्ते में शंभूपुरा के निकट उनका बैग अज्ञात व्यक्ति चलती ट्रेन में छीनकर फरार हो गया। बैग में करीब पौने तीन करोड़ रूपए के ८.४८ किलोग्राम सोने से निर्मित आभूषण रखे हुए थे। रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर थानाधिकारी लालसिंह ने अनुसंधान शुरू किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उप अधीक्षक श्यामलाल मीणा को जांच सौंपी गई।
इन आरोपियों ने खोला था राज
रेलवे पुलिस ने काफी प्रयास के बाद मामले का खुलासा करते हुए वारदात को अंजाम दिलवाने के आरोप में सात अप्रेल २०१९ को नरपत कुमार माली व दिनेश चौधरी को गिरफ्तार किया था।
इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वारदात को अंजाम देने में पाली जिले के देसूरी निवासी और हाल बाली थानान्तर्गत सेवाड़ी में रहने वाला दीपक उर्फ दीपिया पुत्र मुन्नालाल जोशी, सिरोही जिले के बरलूट थानान्तर्गत कैलाश नगर निवासी लक्ष्मण कुमार माली उर्फ लक्की पुत्र सोनाराम माली, सुरेश विश्नोई, दलपतसिंह उर्फ राहुल सोलंकी आदि शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक जोशी की धरपकड़ के लिए आबूरोड़ में दबिश भी दी थी, लेकिन तब वह अपनी महिला मित्र के घर से पुलिस को गच्चा देकर भागने में सफल रहा।
सुमेरपुर व वापी में पकड़े गए थे आरोपी
इनमें से मुख्य आरोपी दीपक जोशी को गत दिनों पाली जिले की सुमेरपुर पुलिस ने व्यापारी पर फायरिंग के एक मामले में दीपक जोशी को तथा गुजरात की वापी पुलिस ने डकैती की योजना बनाते लक्ष्मण कुमार माली को गिरफ्तार किया था।
प्रोडक्शन वारंट से गिरफ्तारी
उपअधीक्षक रेलवे श्यामलाल मीणा ने मुख्य आरोपी दीपक जोशी व उसके साथी लक्ष्मण कुमार माली को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी दीपक जोशी ने पुलिस को बताया है कि लूटे गए आभूषण बेचने के लिए वह अपने एक मित्र के साथ अहमदाबाद गया था। वहां जय माताजी ज्वैलर्स व आशापुरा बुलियन नाम की दुकानों ने उसने अपने मित्र के मार्फत आभूषण बेच दिए। इस दौरान वह वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने मित्र के संपर्क में रहा। बताया जा रहा है कि खरीदा गया सोना लूट का होने के बारे में भनक लगने के बाद ये दोनों सर्राफा व्यवसायी पिछले कुछ दिनों से अपनी दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए हैं। ये दोनों व्यापारी भी मारवाड़ क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। रेलवे पुलिस की टीम अब इन व्यापारियों की तलाश में जुटी हुई है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि अहमदाबाद के ही एक और व्यापारी को भी सोना बेचा गया है, उसके बारे में भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुछ माल बरामद भी किया है, लेकिन इस बारे में अब तक खुलासा नहीं किया गया है।





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