- सड़क पर फेंका घर का सामान
-कोतवाली में दर्ज हुआ मामला
-नौ माह से गायब है महिला का पति
चित्तौडग़ढ़
हड़माला कच्ची बस्ती में रहने वाली रतनी (३७) पत्नी चुन्नीलाल बैरवा ने कोतवाली में रिपोर्ट दी कि वह पति के नाम के आवासीय मकान में हड़माला कच्ची बस्ती में अपने बारह वर्षीय पुत्र राहुल के साथ रह रही है। सोमवार को सुबह कोतवाली पुलिस ने उसे शंकरसिंह की झूठी रिपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। अपराह्न करीब तीन बजे वह जमानत पर रिहा हुई तो प्रार्थिया के पुत्र व पड़ोसियों ने बताया कि पुलिसकर्मी मीठूसिंह व शंकरसिंह मकान पर कब्जा करने के लिए सात-आठ व्यक्तियों के साथ आया और पानी के टैंकर को अनाधिकृत रूप से मकान में घुसाकर मकान तोड़ दिया। मकान में रखा गृहस्थी का सामान सड़क पर फेंक दिया। प्रार्थिया के पुत्र व प्रार्थिया के साथ मारपीट कर जातिगत अपमानित किया। बाद में दोनों आरोपी व एक अन्य हनुमानसिंह घर गृहस्थी का सामान टै्रक्टर में भरकर ले गए। मारपीट से भयभीत हुई प्रार्थिया कोतवाली पहुंची। पुलिस ने रतनी की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
इधर गिरफ्तारी, उधर तोडफ़ोड़
इसे मिलीभगत कहें या फिर रोजमर्रा की तरह होने वाली सामान्य पुलिस कार्रवाई का संयोग कि कोतवाली में दर्ज एक प्रकरण में इधर रतनी को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उधर उसके मकान को तोडऩे के काम को अंजाम दे दिया गया। कोतवाल शैलेन्द्रसिंह का कहना है कि पिछले साल महिला के पति ने यह मकान तीन लाख रूपए में मीठूसिंह को बेचा था, इसके बदले उसे एक लाख रूपए का चेक और दो लाख रूपए नकद दिए गए थे। मकान बेचने के बाद रतनी व उसका पति अन्यत्र रहने लगे थे, लेकिन कुछ समय पहले ताला तोड़कर रतनी इसी मकान में आकर रहने लग गई। इस संबंध में दर्ज प्रकरण में उसे सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था।





No comments:
Post a Comment