बीकानेर. खाजूवाला. इंदिरा गांधी नहर परियोजना की पूगल ब्रांच की तीन नहरें मंगलवार शाम करीब पांच बजे को छह जगह से टूट गई। इसकी सूचना विभाग के अधिकारियों को दी गई।
पूगल ब्रांच की बीएलडी नहर में मंगलवार को चार जगह कटाव आ गया। आरडी 77 के पास 300 फीट, आरडी 51 पर भी करीब 300 फीट, आरडी 65 पर करीब 18 फीट तथा नहर की आरडी 72 पर 40 फीट का कटाव आ गया।
इससे अन्तिम छोर पर पानी नहीं पहुंचा है। वहीं केएचएम नहर की आरडी 01 पर करीब 30 फिट का कटाव आया। इससे पास के गांव 66 हैड आबादी में पानी भरना शुरू हुआ। इस पर जागरूक किसानों ने रात्रि को ही पानी गांव में घुसने से रोका। उधर, पीकेडी नहर में भी आरडी 70 पर करीब 18 फीट का कटाव आ गया।
24 घंटे बाद भी नहीं बांधी नहर
नहर में कटाव आने के बाद किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। इस पर सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पहुंचे तथा कई ठेकेदारों को फोन करके बुलाया लेकिन बकाया भुगतान के चलते कोई भी ठेकेदार काम के लिए नहीं पहुंचा।
वहीं नहर में पानी बन्द करवाकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को जोड़-तोड़कर नहर बान्धने का प्रयास किया लेकिन नहर टूटने के 24 घंटे बीतने के बाद नहर बांधने का कार्य शुरू नहीं हो पाया।
डाफ व केली के कारण टूटी नहरें
क्षेत्र में मंगलवार को आई आंधी व भारी मात्रा में केली (जलजन्य वनस्पति) के कारण नहरों का टूटना बताया जा रहा है। नहरों में इन दिनों बड़ी मात्रा में केली आ रही है। विभाग हर वर्ष इसे निकलवाने का कार्य करता है लेकिन इस बार विभाग द्वारा यह कार्य नहीं करवाया गया। यहां मंगलवार को केली व आंधी के कारण पेड़ टूटकर गिरने से डाफ लग गया और नहरें ऑवरफ्लो होकर टूट गई।
अनदेखी का आरोप
किसानों के खेत में खड़ी फसलों के लिए पानी नहीं पहुंच पाया है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण इस क्षेत्र की नहरों की यह हालत हो रखी है। जब भी अंधड़ आता है तो कोई ना कोई नहर टूट जाती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
विभाग के पास बजट नहीं
खाजूवाला सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता कार्यालय में बजट नहीं आने के कारण बताया जा रहा है। इससे खाजूवाला डिवीजन में पिछले तीन वर्षों से ठेकेदारों के कार्यों का भुगतान नहीं हुआ है।
जल्द बांधने का प्रयास
खाजूवाला के पूगल ब्रांच में टूटी नहरों का निरीक्षण किया गया है। विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर ही है। नहरों को जल्द बांधने का प्रयास किया जा रहा है।
अनिल कैथल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, खाजूवाला।





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