सादड़ी. कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित परशुराम महादेव तीर्थ पर इन दिनों मादा भालू व उसके नन्हे शावक की आवाजाही बनी हुई है। इससे दर्शनार्थियों में दहशत बनी हुई हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि यहां आने वाले श्रद्धालु वन्यजीवों से छेड़छाड़ न करें। सघन झाडिय़ों के आस-पास इनकी बहुतायत रहती है। परशुराम की वादियों सहित कुम्भलगढ़ वन क्षेत्र में पैन्थर, भालू, जरख सहित विविध प्रजाति के वन्यजीवों की बहुतायत है। गर्मी के दिनों में पेयजलापूर्ति व खाद्यान्न को लेकर इनकी आवाजाही वाटर हॉल्स व वन पथ पर जोरदार रहती है। इन दिनों एक मादा भालू व नन्हा बच्चा परशुराम तीर्थ के आस-पास विचरण कर रहा है। हालांकि किसी तरह के कोई नुकसान की सूचना अभी तक नहीं मिली है। क्षेत्र के वन अधिकारी को इससे अवगत करवा दिया है। सहायक वन संरक्षक यादवेन्द्रसिंह चूण्डावत व रेन्जर किशनसिंह राणावत का कहना है कि वन्यजीव से छेडछाड़ नहीं करें। मानवीय आहट होते ही वह स्वत: जंगल की ओर चला जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु जंगल की ओर किसी भी काम से नहीं जाएं। परशुराम कुण्डधाम पर इन दिनों श्रद्धालुओं की जोरदार चहल-पहल बनी हुई है। इस कारण मादा भालू व उसका शावक देर रात या अलसुबह जरूर दिखाई देता है। रोशनी देख वह स्वत: भाग रहा है। ज्ञात रहे गर्मी के दिनों में यह शाम ७ से ९ के बीच दिखाई दे जाता था फिर लौट कर जंगल में चला जाता था।





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