उदयपुर/ कानोड़. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रहस्यमय ढंग से गायब की गई सोनोग्राफी मशीन का मामला अब तूल पकड़ रहा है। चिकित्सालय में मशीन संचालक के नाम पर विशेषज्ञ नियुक्ति की बजाए चिकित्सा विभाग स्तर पर मशीन को सेटेलाइट हॉस्पिटल भेजने का अब विरोध हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने व्यवस्था सुधार के नाम पर पहले मशीन को उदयपुर मुख्यालय मंगाया और बाद में ग्रामीण स्वासथ्य से अनदेखी करते हुए व्यवस्था बहाली की भविष्य में होने वाली उम्मीदें भी खत्म कर दी।
बता दें कि पूर्व में आरएमआरएस के बजट से करीब ५ लाख रुपए में इस मशीन को खरीदा गया था। महज दो दर्जन से अधिक सोनोग्राफी करने के बाद इसके संचालक और तत्कालीन चिकित्सक शोकत अली की सेवानिवृत्ति हो गई। इसके बाद से मशीन को स्टोर रूम में रखवा दिया गया था। ऐसे में स्थानीय लोगों ने व्यवस्था खामियों को लेकर चिकित्सा विभाग के मंसूबों पर सवाल खड़े किए हैं।
इधर, आंदोलन की चेतावनी
चिकित्सालय विकास समिति सरंक्षक अनिल भाणावत, पार्षद भवानी सिंह चौहान, कोमल कामरिया, बजरंग दास वैष्णव सहित ने विभाग को चेतावनी दी है कि बिना देर लगाए मशीन को पुन: चिकित्सालय लाया जाए। साथ ही मशीन के संचालन के लिए चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। साथ ही चेतावनी भी दी कि वह भविष्य में व्यवस्था सुधार को लेकर आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं। आरोप है कि खराब बताई गई उदयपुर के राजकीय चिकित्सालय में चालू है।
...तो होगी मजबूरी
सोनोग्राफी मशीन को खराब बताकर लोगों को धोखे में रखना गलत है। हमारी मांग है कि विभाग मशीन को पुन: स्थापित करे और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर चिकित्सक की नियुक्ति करे।
अनिल शर्मा, अध्यक्ष, नगर पालिका कानोड़
प्रशासनिक थे आदेश
कलक्टर व विभागीय ओहदेदारों के आदेश पर मशीन को उदयपुर भेजा है। मशीन ठीक कराने की बात कही गई है। अनुभवी चिकित्सक की कमी से ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा।
डॉ. आरके सिंह, प्रभारी, सीएचसी कानोड़
केवल इतनी जानकारी
हमें मशीन को सुधरवाने की जानकारी दी गई है। मशीन फिलहाल उदयपुर ही है।
डॉ. महेन्द्र लौहार, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भीण्डर
गोगुंदा के प्रस्ताव
कलक्टर इस सोनोग्राफी मशीन को गोगुंदा लगवाना चाहते हैं। आदेश की पालना में मशीन को कानोड़ सीएचसी से लाया गया है। पहले खराब मशीन को सही कराएंगे। प्रशासनिक आदेश पर ही मशीन का कोई निर्णय हो सकता है। हमारे स्तर पर कोई कार्रवाई संभव नहीं।
डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर





No comments:
Post a Comment