लंदन। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के खत्म होने के साथ ही कई विश्व रिकॉर्ड ऐसे रह गए, जो इस टूर्नामेंट में नहीं टूट सके। ऐसे ही वर्ल्ड रिकॉर्ड में से एक है, पूर्व भारतीय कप्तान और भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले कपिल देव का। कपिल देव के इस रिकॉर्ड को तोड़ना तो बहुत दूर कोई खिलाड़ी इस रिकॉर्ड के पास तक भी नहीं पहुंच सका और माना तो यही जा रहा है कि अगले 4 साल में कोई खिलाड़ी शायद ही ऐसा आए जो इस रिकॉर्ड को तोड़ पाए।
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क्या रिकॉर्ड है कपिल देव का
दरअसल, कपिल देव का ये रिकॉर्ड कुछ ऐसा है कि वो सबसे कम उम्र के ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने ना सिर्फ अपनी टीम को वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाया था, बल्कि विश्व चैंपियन का खिताब भी दिलाया था। कपिल देव ने जब 1983 विश्व कप के फाइनल में अपनी टीम को पहुंचाया था तो उस वक्त उनकी उम्र 24 साल 170 दिन थी। इतनी कम उम्र में आज तक कोई भी कप्तान अपनी टीम को फाइनल में नहीं पहुंचा पाया है। आपको बता दें कि 1983 में टीम इंडिया पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची थी और खिताब को अपने नाम किया था।
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धोनी और जयवर्धने भी लिस्ट में हैं शामिल
सबसे कम उम्र में विश्व कप का फाइनल खेलने और जीतने वाले कप्तानों में दूसरे नंबर पर रिकी पॉन्टिंग हैं, जिन्होंने 2003 में ऑस्ट्रेलिया को विश्व चैंपियन बनाया था। उस वक्त रिकी पॉन्टिंग की उम्र 28 साल 94 दिन थी। इस लिस्ट में महेंद्र सिंह धोनी, केन विलियमसन और महेला जयवर्धने का भी नाम शामिल है। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर केन विलियमसन हैं, जिन्होंने 28 साल 340 दिन की उम्र में अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया। वहीं एमएस धोनी चौथे स्थान पर हैं। 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में धोनी की उम्र 29 साल 269 दिन थी। वहीं महेला जयवर्धने 29 साल 336 दिन के थे। 2011 विश्व कप के फाइनल में जयवर्धने श्रीलंका के कप्तान थे।





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