उदयपुर/ झल्लारा. एक ओर शिक्षा विभाग बालसभाओं के माध्यम से राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की नामांकन संख्या को बढ़ाने के लिए प्रतिष्ठा बनाए हुए है। वहीं दूसरी ओर दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का बरसात के दिनों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित है। इसकी वजह शिक्षकों की ओर से बरती जा रही खामी नहीं बल्कि गुणवत्ता विहिन निर्माण की वजह से स्कूल के सभी कमरों की टपकती छत है। जी हां! हम बात कर रहे हैं जोगी बस्ती स्थित राजकीय विद्यालय की, जहां मानसून के शुरुआती दिनों में दो कमरे और एक बरामदे की छत से पानी टपकने का क्रम जारी है। बता दें कि स्कूल में कुल तीन कमरे हैं। संस्था प्रधान कन्हैयालाल सरवार ने बताया कि मजबूरीवश एक ही कमरे में कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई का क्रम चल रहा है। खास तो यह है कि इसी कमरें में विद्यालय का स्टोर रूम भी है। पोषाहार सहित अन्य खाद्य सामग्री व निर्माण के संशाधन यहीं रखे हुए हैं। विद्यालय स्तर पर कई बार मरम्मत को लेकर मांग की जा चुकी है। लिखित में पत्र भी चलाए गए हैं, लेकिन विभाग के जिम्मेदार हैं कि बच्चों की समस्या को लेकर उनके कानों में जूं तक नहीं रेंग रही।





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