मारवाड़ जंक्शन. कस्बे सहित आसपास के गांवों में अब जवाई बांध का मीठा पानी नसीब नहीं होगा। जवाई बांध में डेड स्टोरेज से भी पांच दिन ही आपूर्ति हो सकेगी। ऐसे में मारवाड़ के 113 गांवों में मारवाड कस्बा, राणावास तथा जोजावर में ही जवाई की सप्लाई 96 घंटे के अन्तराल से दी जा रही है। यह भी पांच दिन बांद बंद हो जाएगी। इसके बाद तो परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता रहेगी। अधिकांश स्रोतों में खारा व फ्लोराइडयुक्त होने के कारण जलदाय विभाग प्रयासों के बावजूद मीठा पानी सुलभ नहीं करवा पाएगा।
यहां बंद हुआ जवाई का पानी
आदवा, देवली, धनला, वाडिय़ा, बांता, जाणुन्दा, मुकनपुरा, गुड़ा केशरसिंह, गुड़ा रामसिंह, गुड़ा प्रेमसिंह, रड़ावास, गादाणा, चेलावास, चिरपटिया, फुलाद, डिंगोर, सिरियारी, कंटालिया, मुसालिया, सवराड़, मांडा, रिसाणिया, बाळी, भिमालिया, पांचेटीया, धामली, नया गांव, कराडी, बाडसा, गोदावास, रामपुरा, हिंगोला आदि में जवाई से आपूर्ति बंद है।
जलदाय विभाग के सहायक अभियन्ता महेन्द्र किराड़ के अनुसार जलदाय विभाग 173 ओपनवेल, टयूबवेल, हेडपंप जैसे परम्परागत स्रोत पुन: शुरू किए गए हैं। पारंपरिक स्रोतों में खारा पानी होने के कारण जनता को खारा पानी ही नसीब होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल टैंकर से जलापूर्ति नहीं की जाएगी। जलापूर्ति में पानी की कमी नहीं होगी, पर मिलेगा खारा पानी ही। साथ ही वाटर ट्रेन से पानी लेने के प्रस्ताव भेजे हैं। चिरपटीया से मारवाड़ जंक्शन पाइपलाइन में जड़ो को साफ करवा कर दुरुस्त करवाई गई। वाटरबेड की मरम्मत व सफाई की जा रही है।





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