रायपुर मारवाड़. ब्यावर पिंडवाड़ा फ ोरलेन पर सेंदड़ा के पास झूलती चट्टानों को लेकर जिम्मेदारों की अनदेखी जारी है। बारिश के दिनों में खतरा बढ़ चुका है। ऐसे में रोजाना सैकड़ों वाहन खतरे के साए में गुजर रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि विधायक द्वारा जिम्मेदारों को जगाने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में कार्रवाई के आसार तक नजर नहीं आ रहे हैं।
दरअसल, फ ोरलेन निर्माण के समय पहाड़ी को दो हिस्सों में बांट रास्ते का निर्माण किया गया था। ब्यावर से लेकर सेंदड़ा ब्रिज के बीच जगह-जगह पर सडक़ के दोनों तरफ चट्टानें झूल रही हैं। चट्टानों में दरारें आ रखी हैं। जिससे पत्थरों के बड़े हिस्से सडक़ पर आ गिरते हैं।
हर प्रयास बेअसर
फ ोरलेन पर रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। चट्टान का हिस्सा वाहन पर गिरने से बड़े हादसे की आशंका को लेकर सेंदड़ा सहित आस-पास के गांवों के लोगों ने बीते तीन साल में कई बार आवाज उठाई। लेकिन वो आवाज जिम्मेदारों को जगाने में नाकाम रही।
हालात देख भडक़े थे विधायक
दो माह पहले मारवाड़ जंक्शन विधायक खुशवीर सिंह जोजावर जयपुर से पाली लौट रहे थे। सेंदड़ा के पास झूलती चट्टाने देख उन्होंने अपना वाहन रुकवा हालात देखे। विधायक ने जिला प्रशासन व सडक़ निर्माण कम्पनी के अधिकारियों को सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता प्रबंध करने को कहा था।
ये हैं नियम
फ ोरलेन पर चार टोल हैं। जहां सडक़ निर्माण कम्पनी ही टोल वसूली कर रही है। नियमों की बात करें तो वाहन चालकों से सुरक्षा व सुविधा के नाम पर टोल वसूला जाता है। इस कम्पनी ने सिरोही व पिंडवाड़ा के पास हुए बड़े हादसों के बाद चट्टानों को लोहे की जाली से कवर किया था। लेकिन सेंदड़ा के पास वे पिछले तीन साल से अनदेखी कर रहे हैं।





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