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बीकानेर में आंधी से बेकाबू हो रही टिड्डी, पहुंचा रही नुकसान

बीकानेर. जिले में मंडरा रही टिड्डियों पर नियंत्रण करने में विभाग को पसीने आ रहे हैं। धुलभरी तेज हवाओं में सीमित संसाधनों से टिड्डी दल को नियंत्रण करना चुनौतीभरा होता जा रहा है। हवा के रुख के साथ टिड्डियां लगातार भ्रमण कर रही है। कोई एक स्थान पर ठहराव नहीं होने से विभाग के सामने मुश्किलें आ रही है। प्रजनन समय में होने के कारण टिड्डी दल शाम ढलने के बाद भी जल्दी से नीचे नहीं उतर रहा है, आसमान में ही चक्कर काट रहा है। इसके बाद तेज हवा के झोंके के साथ ही अपनी दिशा बदल रही है। हलांकि जिले में छह टीमें टिड्डी नियंत्रण के प्रयास में जुटी है।

नियंत्रण का दावा
कृषि विस्तार केन्द्र के उप निदेशक कार्यालय ने अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर कृषि आयुक्तालय, जिला प्रशासन को भेजी है। उप निदेशक जगदीश पूनिया के अनुसार अब तक 800 हैक्टेयर में टिड्डियों को नियंत्रित किया गया है। इसमें 14 जुलाई को पूगल में 70 हैक्टेयर और नौ एमकेडी (बज्जू) में 15 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी दल का नियंत्रण किया गया है। इसी तरह 15 जुलाई को पूगल के दो-तीन डीडी में 30 हैक्टेयर व 15 बीएम बज्जू में 70 हैक्टेयर क्षेत्र में नियंत्रण किया गया है। पूनिया ने दावा किया है कि टिड्डियों के आक्रमण से अब तक फसल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

वर्तमान में यहां देखी गई
कृषि विभाग भी मानता है कि आंधियों के कारण इन पर नियंत्रण करने में व्यवधान आ रहा है। टिड्डियों का दल कई हिस्सों में बंटकर छितराई अवस्था में आ रही है। इससे समस्या खड़ी हो रही है। वर्तमान में बज्जू, बीकानेर के खारा में टिड्डी दल देखा गया है, इसके नीचे उतरने (सैटल) पर तत्काल नियंत्रण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा नैनो का बास, मालासर, गाढवाला, शेखसर, खोडाला, जैतपुर में छितराई अवस्था में टिड्डी पाई गई है।



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