उदयपुर/ खरसाण. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर वल्लभनगर तहसील क्षेत्र के किसान दर-दर की ठोंकरें खाने को विवश हैं। वजह बीते छह माह से उनके क्षेत्र में नहीं खुले जमीन नामांतरण हैं। पिता की मौत के बाद बेटों के हिस्से में आने वाली जमीनों को लेकर नई खाता संख्या डालनी होती है। इसके लिए जमीन का नामांतरण खोला जाता है। तहसील स्तर पर किसानों की मौत के बाद भी खाते उनके नाम बोल रहे हैं। नामांतरण के अभाव में नया किसान दावेदर योजना का लाभ नहीं ले पाएगा। इधर, समस्या को लेकर प्रभावित किसानों के बेटे तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। कमोवेश भींडर पंचायत समिति की सभी ५२ ग्राम पंचायतों के ऐसे ही हाल हैं। दूसरी ओर पटवारी हल्का की मानें तो आगामी एक माह में रिकॉर्ड दुरस्त किए जाएंगे। बाद में सभी किसानों को योजना से लाभान्वित कराने के प्रयास होंगे।
आमजन है परेशान
राजस्व विभाग तय जिम्मेदारी को समय पर पूरा नहीं कर सका है। इसका खमियाजा आमजन को उठाना पड़ रहा है। रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से नामांतरण खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। विरासत व खरीदार दोनों ही तरह के खाते शामिल हैं।
भगवतीलाल मेनारिया, अध्यक्ष सरपंच संघ, पंचायत समिति भींडर
रिकॉर्ड देखकर बातचीत
फिलहाल बाहर हूं। रिकॉर्ड देखकर बताना ही उचित होगा। योजना से पहले के सवालों की जानकारी नहीं दे सकता।
संदीप अरोड़ा, तहसीलदार, वल्लभनगर





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