महाजन. सीमावर्ती क्षेत्र से आए टिड्डियों के दल ने अब जैतपुर तक फसलों को चौपट करना शुरू कर दिया है। नहरी व कृषि कुओं से सिंचित खेतों में टिड्डियों के हमले से किसानों की नींद उड़ गई है। वहीं कृषि विभाग भी सक्रिय हो चुका है। जैतपुर में टिड्डी पहुंचने की सूचना मिलने पर सूरतगढ़ टिड्डी सतर्कता दल के साथ बीकानेर व नोहर से कृषि अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान एक-दो ककड़ी की खेती में टिड्डी का हल्का प्रकोप नजर आया।
कृषि अधिकारियों ने बताया कि अगर कहीं भी टिड्डी के झुण्ड नजर आते है तो उसी समय विभाग को सूचना दी जाए। ताकि समय पर नियंत्रण किया जा सके। उधर, शेखसर क्षेत्र में भी टिड््डी दल पहुंचने से किसानों की हालत खराब हो रखी है। कुआं बाहुल्य वाले इस क्षेत्र में टिड्डी का प्रकोप होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। कृषि विभाग के कर्मचारियों के अनुसार क्षेत्र में चल रही आंधी के कारण भी टिड्डी पकड़ में नहीं आ रही है।
टिड्डी दल की किसान सूचना विभाग को दे-सारस्वत
खाजूवाला. बीकमपुर व बज्जू के क्षेत्र से आया टिड्डी का दल खाजूवाला क्षेत्र में भी नुकसान पहुंचाने लगा है लेकिन अधिक संख्या में नहीं है। मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारी क्षेत्र में टिड्डी दल की तलाश में रहे। सहायक निदेशक कृषि विस्तार छतरगढ कन्हैयालाल सारस्वत ने बताया कि पूगल में टिड्डी नियंत्रण दल की चार टीमें पहुंच चुकी है। मंगलवार को खाजूवाला व पूगल तहसील के डीओडीडी में 140 हैक्टेयर में टिड्डी से बचाव के लिए स्प्रे किया है।
खाजूवाला क्षेत्र में टिड्डी दल कम सक्रिय है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल रात 8 बजे एक स्थान पर बैठता है जो सुबह 9 बजे एक ही स्थान पर बैठा रहता है। किसानों से आग्रह किया गया है कि टिड्डी दल की सूचना विभाग को समय पर दी जाए। ताकि विभाग की टीम भी रात्रि को मौके पर पहुंचकर स्प्रे कर सके। उन्होंने बताया कि एक बार स्प्रे के छिड़काव के बाद 10 प्रतिशत टिड्डी मौके पर ही मर जाती है बाकि 90 प्रतिशत टिड्डी 7 घंटे के अंतराल में मर जाती है।





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