उदयपुर/ गींगला. सलूम्बर तहसील के गींगला कस्बे में खातेदारी जमीन पर समतलीकरण कार्य के बीच नाथ संप्रदाय की समाधियों को खुर्द-बुर्द करने का मामला सोमवार को तूल पकड़ लिया। लोगों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर सोमवार को मौके पर गींगला पुलिस और राजस्व विभाग के दल ने मौका मुआयना किया। बाद में खातेदार की ओर से समाधि स्थल की भूमि दान में देने की सहमति पर मामला शांत हुआ।
हुआ यूं कि गींगला बसस्टैण्ड के समीप गांव के ही भीमराज जैन की खातेदारी जमीन है। उसने ये जमीन नाथू भोई को बेच दी। इस बीच नाथू भोई ने जमीन के समतलीकरण को लेकर जेसीबी चलवाई। तभी नाथ संप्रदाय के अनुयायियों की ओर से जमीन पर बने समाधि स्थलों को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया गया। सूचना नाथ सम्प्रदाय व एकत्र ग्रामीणों ने भी विरोध दर्ज कराया। सूचना पर गींगला थानाधिकारी गजसिंह, भू अभिलेख निरीक्षक न्याज मोहम्मद, सरपंच मोहन मीणा, उपसरपंच नाथूलाल सहित कई मौदबीरान वहां पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता करने लगे, लेकिन नाथ समाज के मौदबीर समाज के समाधि स्थल वाली जमीन की मांग करने लगे। बाद में राजस्व रेकार्ड से मिलान किया गया तो उक्त जमीन भीमराज जैन की खातेदारी निकली। तब नाथ सम्प्रदाय वर्षों से समाधियों की बात कहने लगे। बाद में थाना परिसर में पुलिस प्रशासन, मौदबीरानों के सान्निध्य में दोनों पक्षों में रजाबंदी हुई। समझौता हुआ कि भीमराज जैन की खातेदारी जमीन आराजी संख्या 2849 में से 14 गुणा 38 यानि 532 वर्ग मीटर भूमि नाथ सम्प्रदाय के नाम दान की जाएगी। जहां वे शव दफना सकेंगे। इस पर बात पर दोनों पक्ष राजी हुए। नारायण नाथ, देवनाथ,कालूनाथ, मांगूनाथ, जग्गनाथ एवं अन्य मौजूद थे।
कोई विवाद नहीं
राजस्व रिकॉर्ड मिलाने के साथ दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। अब कोई विवाद नहीं है।
न्याज मोहम्मद, राजस्व निरीक्षक, गींगला





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