उदयपुर/ फलासिया. स्वरूपगंज-सिरोही को वाया उदयपुर-फलासिया-सोम होकर गुजरात बॉर्डर से जोडऩे वाले निर्माणाधीन नेशनल हाई-वे 58 ई पर फिसलन से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रस्तावित 91 किलोमीटर कार्य में खुदे हुए करीब 80 किलोमीटर टुकड़े पर जारी निर्माण के बीच बिछाई गई कंकरीट और मिट्टी दुपहिया वाहन सवारों के लिए जोखिम भरी यात्रा का अनुभव करा रही है। समस्या से आए दिन वाहन सवारों के धड़ाम-धड़ाम गिरने की समस्याएं लोगों को सीधे अस्पताल तक पहुंचा रही हैं। दूसरी ओर पुलिया निर्माण को लेकर बनाए गए अस्थायी बायपास की बरसात के बीच तस्वीर ही बदल गई है। आम दिनों में धूल-मिट्टी उडऩे वाली समस्या अब कीचड़ में तब्दील हो गई है। भारी वाहनों के कीचड़ से होकर गुजरने के बाद ये बायपास दुपहिया सवारों के लायक नहीं बचा है। दिन और रात के समय यहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहनों के गिरने का सिलसिला जारी है। लोगों की ओर से समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई गई। निर्माण से जुड़े जिम्मेदारों को कीचड़ पर कंकरीट डालकर व्यवस्था बहाल करने के लिए गुहार की गई, लेकिन समस्या का निस्तारण करने की बजाए विभागीय जिम्मेदार लोगों को कुछ समय की दिक्कत और झेलने का आश्वासन देकर अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
बरसात ने खोली डामर की पोल
उदयपुर/ भटेवर. क्षेत्र में मानसून की पहली बरसात ने गुणवत्ता युक्त डामर सड़कों के दावों की पोल खोल दी है। बरसाती पानी से गांवों में होकर गुजरती सड़कों पर गड्ढे पड़ गए हैं। वाहन चालकों को सड़क पर भरे बरसाती पानी के बीच नित नई जंग करनी पड़ रही है। दुपहिया सवारों के फिसलन से गिरने के किस्से आम हो रहे हैं। पंचायत समिति सदस्य किशन लाल मेघवाल ने आरोप लगाया कि वल्लभनगर से करणपुर, उदाखेड़ा पेट्रोल पंप के पास, तहसील रोड, वल्लभनगर बायपास चौराहे पर नहर के समीप सड़क पर गड्ढों से यातायात बाधित है। गंदे पानी के छींटों से राहगीरों को भी समस्या हो रही है। करणपुर मार्ग पर बिना मुंडेर के कुएं के समीप से गुजरते वाहनों पर भी संकट बना हुआ है। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अंचल गुप्ता की मानें तो मौसम से खराब सड़कों की बारिश बाद मरम्मत कराई जाएगी।





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