Breaking News
recent

Gangster Anandpal की तर्ज पर नाकाबंदी तोडऩे में माहिर है जीतू बना

मनीष मूलचंदानी हत्याकांड का मास्टर माइंड, लूट व डकैती की कई वारदातें दे चुका है अंजाम

अजमेर. गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह की तरह मनी एक्सजेंच व्यवसायी मनीष मूलचंदानी की हत्या और लूट का आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू बना पुलिस की नाकाबंदी तोडऩे में माहिर है। वह राजसमन्द में मंगलवार रात पुलिस टीम से घिरने के बाद तोबड़तोड़ फायरिंग करते हुए अपने 5 साथियों के साथ फरार हो गया। पुलिस की टीम जितेन्द्र उर्फ जीतू बना की सरगर्मी से तलाश में जुटी है।

जयपुर ग्रामीण जोबनेर कंवरासा निवासी जितेन्द्र की जिला पुलिस ने अपराध की कुंडली तैयार कर ली है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि वाहन चोरी से अपराध की दुनियां में उतरा जीतू बना हरियाणा से गुजरात तक शराब की तस्करी में भी लिप्त रहा। इसके बाद जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए दोस्तों के साथ जमीन विवाद में देशी हथियार से फायरिंग कर फरार हो गया। इसके बाद वह दिल्ली, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न शहरों में लूट, डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जीतू ने प्रदेश में एटीएम तोडऩे की ताबड़तोड़ वारदातें अंजाम दी थी। पुलिस ने उसको एटीएम लूट के मामले में गिरफ्तार भी किया था।

 

गोल्डन वेरेना है पसंद

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जीतू की वाहनों में भी पसंद का अलग अंदाज है। उसको गोल्डन कलर की वेरेना कार पसंद है। गोल्डन कलर की वेरेना पर नजर पड़ गई तो वह चोरी हुए बिना नहीं रह सकती है। वह किसी भी वारदात में वाहन के इस्तेमाल के बाद सड़क के किनारे छोड़ देता है या फिर उसको पेट्रोल डालकर आग लगा देता है।

नहीं रखता है मोबाइल

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जीतू हमेशा अपने साथ हथियार रखता है। वह गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह की तरह मोबाइल नहीं रखा। वारदात अंजाम देने से पहले अपने साथियों के मोबाइल खुद लेकर स्विच ऑफ कर अपने पास रखता है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि वह कई बार पुलिस के हत्थे चढ़ते बाल-बाल बचा। चित्तौडगढ़़ में पुलिस की नाकाबंदी को ध्वस्त कर भाग चुका है। इससे पूर्व में भी पुलिस उसको कई मर्तबा पकडऩे का प्रयास कर चुकी है।

अफीम-डोडा पोस्त की तस्करी

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि जीतू और उसका गैंग इन दिनों अफीम और डोडा पोस्त की तस्करी में सक्रिय है। यही कारण है कि जीतू के छिपने के ठिकाने पूरे प्रदेश में है। उसके मध्यप्रदेश के नीमच, फलौदी, राजसमन्द में कई ठिकाने हैं। वह अक्सर जंगली इलाकों में रात बिताना पसंद करता है।

कार से नहीं उतरता है जीतू

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जीतू वारदात अंजाम देने के दौरान कार से नहीं उतरता है। उसके गुर्गे वारदात अंजाम देते हैं और वह कार चलाता है। कई मर्तबा तो वह कार में सोता है। अजमरे में भी मनीष मूलचन्दानी के यहां हत्या-लूट के मामले में जीतू कार से नहीं उतरा।

ब्रांडेड शूज-कपड़े का शौकीन

जीतू ब्रांडेड जूते व कपड़े पहनने का शौकीन है। यही कारण है कि उसने कुछ साल पहले अजमेर में ब्रांडेड जूते व कपड़े के शोरूम में ताला तोडऩे की वारदात अंजाम दी थी। अजमेर पुलिस ने आरोपी की दोनों मामले में गिरफ्तार भी किया था।

हिस्ट्रीशीटर को लगा चुका है चूना

जीतू किशनगढ़ सर्किल के हिस्ट्रीशीटर को चुना लगा चुका है। हुआ यूं कि रूपनगढ़ थाने के हिस्ट्रीशीटर ने जीतू से कार खरीदी। हिस्ट्रीशीटर ने उससे कार खरीदने के बाद दस्तावेज मांगे। दस्तावेज मांगने पर जीतू सी रात कार चोरी कर वापस ले गया।

इनका कहना है...

जितेन्द्र उर्फ जीतू व उसके साथियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। आरोपी के कई नए ठिकानों की जानकारी मिली है। मनीष मूलचंदानी हत्याकांड में इस्तेमाल कार भीलवाड़ा से बरामद की है। जल्द ही पुलिस आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

-कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.