पाली। आखिरकार सीइटीपी (CENTRAL POLLUTION CONTROL BOARD) के सभी छहों प्लांट के अपग्रेड होने की कवायद शुरू हो गई। सीइटीपी प्रबंधन (CENTRAL POLLUTION CONTROL BOARD) ने गुरुवार को सभी 12 एमएलडी प्लांटों के अपग्रेडेशन के लिए चंडीगढ़ की कंपनी से अनुबंध कर लिया। ये प्लांट एमवीआर तकनीक से अपग्रेड होंगे। एसपीवी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बुधवार को हुई बैठक में प्लांटों को जेडएलडी के लिए अपग्रेड करने का निर्णय ले लिया गया था। तत्पश्चात सीइटीपी पदाधिकारियों की गुरुवार शाम एक और बैठक हुई, जिसमें चंडीगढ़ की कंपनी से 12 साल के लिए करार (DEAL) किया गया। सभी प्लांट एक साल में अपग्रेड होंगे। सर्वप्रथम छह नंबर प्लांट पर दो एमएलडी का मॉड्यूलर लगाया जाएगा। इसके बाद दो-दो एमएलडी अपग्रेड होंगे। प्लांटों के अपग्रेडेशन में 90 से 95 करोड़ रुपए की लागत का आंकलन किया गया है।
12 साल का करार
सीइटीपी (CENTRAL POLLUTION CONTROL BOARD) ने चंडीगढ़ की कंपनी से 12 साल का करार (DEAL) किया है। इस अवधि में बिजली, स्टाफ और मरम्मत का खर्च कंपनी उठाएगी। चंडीगढ़ से आए कंपनी प्रतिनिधि पवन शर्मा के साथ अनुबंध किया गया। सीइटीपी उपाध्यक्ष कमलेश गुगलिया ने बताया कि करीब दो माह में दो एमएलडी का प्लांट तैयार होने की संभावना है।
एनजीटी की पेशी अब 2 अगस्त को
पर्यावरण संघर्ष समिति की ओर से दायर याचिका को लेकर दिल्ली स्थित एनजीटी की 26 जुलाई को होने वाली पेशी स्थगित कर दी गई। अब अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी।





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