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इस स्कूल में कोई नहीं पढ़ता... फिरभी आते हैं मास्साब

राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवां इलाके में मीणा का झोपड़ा में एक प्राइमरी स्कूल ऐसा भी है, जहां एक भी बच्चा नहीं पढ़ता। लेकिन यहां बाकायदा एक टीचर को लगा रखा है। यहां पदस्थापित शिक्षक दुर्गाशंकर मीणा सुबह आकर सिर्फ विद्यालय खोलते हैं और नियत समय पर बंद कर देते हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिस विद्यालय में 15 विद्याॢथयों से कम नामांकन है, उस विद्यालय को नजदीक के ही दूसरे विद्यालय में मर्ज करना होता है। ब्लॉक के ऐसे कुछ विद्यालय तो मर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन मीणा का झोपड़ा प्राथमिक विद्यालय को मर्ज नहीं किया गया। इस विद्यालय से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर ही दूसरा उच्च प्राथमिक विद्यालय है।

चार बच्चों की टीसी कटी
शिक्षक दुर्गाशंकर मीणा ने बताया कि विद्यालय में वर्ष 2016-17 में आठ का, वर्ष 2017-18 में 6 व वर्ष 2018-19 में चार बच्चों का नामांकन था। इस वर्ष चारों बच्चों की अभिभावक टीसी कटाकर ले गए, जिससे नामांकन शून्य हो गया। इसकी रिपोर्ट विभाग को भी भेज रखी है।

2016 से ही भेज रखा मर्ज का प्रस्ताव
वर्ष 2016 में ही विद्यालय को मर्ज कराने के प्रस्ताव भेज रखे थे, लेकिन विभाग द्वारा विद्यालय मर्ज ही नही किया गया।

इनका कहना है
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के प्रस्तावों पर 15 से कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करा दिया। यह स्कूल मर्ज होने से कैसे रह गया, इसकी जांच कराई जाएगी।
- उदालाल मेघवाल, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी, बूंदी



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