उदयपुर/ मेनार. Panther in udaipur बीते 10 दिनों से सिरदर्द बना हुआ पैंथर सोमवार को भी वनविभाग ( forest department ) के सर्च ऑपरेशन ( search operation )को चकमा दे गया। पैंथर के पुख्ता ( Panther Movement ) मूवमेंट के बावजूद उसके छिपने का स्थान पता लगाने में वनविभाग कार्मिक नाकाम रहे। समस्या से करीब 10 किलोमीटर के इलाके में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, ये जानते हुए कि उनकी सक्रियता और गश्त के बीच पैंथर बीते कई दिनों से भूखा बना हुआ है। अब तक के प्रयासों में इतना ही पता चल सका है कि पैंथर रूंडेड़ा और मेनार के बीच मूवमेंट कर रहा है।
इधर, मेनार कस्बे के ब्रह्म सागर तालाब के कैचमेंट क्षेत्र ( catchment aera ) में पेंथर के दिखने के बाद ग्रामीणों ने कुओं और बाड़ों ( cattle protection )में बंधे मवेशियों के फेरा लगाना शुरू कर दिया है। रात निकली नहीं की सोमवार को समिति मार्ग के तरफ दिन में पैंथर खेत में विचरण करते देखा गया। खेत में काम कर रहे पौने 2 बजे के करीब हुक्मीचंद मेरावत ने पैंथर को देखा शोर मचाया। ऐसे में आस पास से गुजर रहे लोग इकठा हो गए। लोगों ने झाडिय़ो एवं खेतों में बहुत देर तक तलाश की, लेकिन खेतों में खड़ी फसल ( standing crop ) के बीच वह ओझल हो गया। उसके पगमार्ग भी पुख्ता नहीं हो सके। दूसरी ओर रूंडेड़ा में पिंजरा लगे क्षेत्र में पैंथर की मूवमेंट नहीं हुई है। इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि भूखा पैंथर सोमवार रात को कहीं शिकार कर सकता है।
गांवों में दहशत ( Panic in village )
बीते करीब 10 दिनों से क्षेत्र में सक्रिय पैंथर को लेकर आधा दर्जन गांवों में लोगों की नींद उड़ी हुई है। रुंडेड़ा, नवानिया, वाना, छपरा, खेड़ली, बरोडिय़ा सहित अन्य गांवों में पशुपालकों की चिंता बनी हुई है। लोग जान जोखिम में डालकर रात और दिन बाड़ों की रखवाली कर रहे हैं।
वनविभाग ने सुझाया तरीका
- पैंथर के दिखने पर शोर शराबा नहीं करें।
- आग दिखाकर उसे दूर भगाने का प्रयास करें।
- बचाव में पटाखे भी फोड़े जा सकते हैं।
- मवेशियों के बाड़े के किसी कोने पर आग जलाकर रखें।
- अल सुबह पैंथर की सक्रियता के बीच बच्चों व बूढ़ों को खेतों की जाने से रोकें।
शिकार की खबर नहीं
सर्च ऑपरेशन जारी है। पैंथर की ओर से शिकार की कोई सूचना नहीं है। बारिश के कारण पैंथर के मूवमेंट और पगमार्ग के सुराग मिलने में मुश्किल हो रही है। पिंजरा दो-तीन दिन तक रखेंगे। लोगों को भी सतर्क कर रहे हैं। Panther in udaipur पैंथर का मूवमेंट शाम 6 से सुबह 5 बजे तक रहता है।
सोमेश्वर त्रिवेदी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वन नाका भींडर





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