-कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में हुआ फैसला
-भू-रुपांतरण करवाए बिना और किराए के भवनों में संचालित स्कूलों की मान्यता पर खतरा
-पिछली भाजपा सरकार के अंतिम छह महीनों के फैसलों की समीक्षा बैठक
-नीमाराणा की रैफल्स कृषि यूनिविर्सिटी की मान्यता होगी रद्द
जयपुर। राज्य की गहलोत सरकार (gehlot government) किराए के भवन (Rented buildings) में चल रही निजी स्कूलों (Private schools) पर नकेल कसेगी। इसके साथ ही सरकार भू-रुपांतरण (Land conversion) करवाए बिना और निर्धारित तीन साल में स्कूल के लिए स्वयं के भवन नहीं बनाने वाले स्कूलों की पहचान कर नोटिस देगी। अगले सत्र तक शर्त का पालन नहीं करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द (validation n canceled) होगी। साथ ही राज्य सरकार नियमों के अनुसार यूनिवर्सिटी (university) के लिए एकमुश्त 20 हैक्टेयर जमीन नहीं होने पर नीमराणा की रैफल्स कृषि यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। पिछली भाजपा सरकार (BJP Government) के अंतिम छह महीनों में हुए फैसलों की समीक्षा के लिए शनिवार को यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब-कमेटी (Cabinet sub-committee) ने यह निर्णय लिए हैं। बैठक में उद्योग, राजकीय उपक्रम, स्कूल व उच्च शिक्षा के मामलों की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद धारीवाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी संचालन के लिए एकमुश्त 20 हैक्टेयर जमीन होना आवश्यक है, लेकिन रैफल्स कृषि यूनिवर्सिटी के पास एकमुश्त 20 हैक्टेयर जमीन नहीं है और जो है वह भी दो टुकड़ों में अलग-अलग है। एक हिस्से की दूसरे हिस्से से दूरी भी करीब 14 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी ने कुछ अन्य शर्तों का भी उल्लंघन किया है। इसलिए यूनिवर्सिटी की मान्यता रद््द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
नाराज हुए धारीवाल
बैठक में पंचायतराज व ग्रामीण विकास तथा गोपालन विभाग की ओर से ब्रीफ रिपोर्ट पेश नहीं करने पर धारीवाल ने नाराजगी जताई। उन्होंने बैठक में मौजूद अफसरों को कहा कि वह मोटी फाइलों को कब तक पढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें मोटी-मोटी फाइलों के आठ बस्ते भेज दिए, लेकिन किसी भी फाइल पर ब्रीफ जानकारी का नोट नहीं था। बेहतर हो कि मामले से संबंधित ब्रीफ रिपोर्ट बनाकर पेश की जाए। उन्होंने अफसरों को एक ब्रीफ नोट भी दिखाकर उसी के अनुरूप जानकारी देने को कहा। धारीवाल की नाराजगी के बाद पंचायती राज विभाग के एसीएस राजेश्वर सिंह बैठक से चले गए।
बैठक में यह हुए फैसले
उद्योग विभाग
-भाजपा सरकार में अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को दिए गए पैकेज का मामला किया लंबित। पुन: होगी समीक्षा।
-झालावाड़ में वल्लभ पित्ती ग्रुप को दिए गए पैकेज की पुन: होगी समीक्षा
-बोरानाडा, सालावास, हीरखेड़ा में औद्योगिक विस्तार के लिए 3151 बीघा जमीन अधिग्रहण करनी थी
-इनमें से 33 काश्तकारों की हाईकोर्ट में याचिका लंबित
-921 बीघा जमीन का मुआवजा किसानों ने ले लिया है व रीको ने जमीन का कब्जा ले लिया है।
-सरकार अवाप्ति संबंधी इस मामले की समीक्षा करेगी।
स्कूली शिक्षा
-जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन करवाए बिना ही संचालित करीब 500 स्कूलों को नोटिस दिए जाएंगे। अगले सत्र तक भू-उपयोग परिवर्तन नहीं करवाने पर मान्यता स्वत: ही समाप्त होगी।
-किराए के भवन में संचालित स्कूलों को निर्धारित तीन साल की अवधि में स्वयं के भवन नहीं बनवाने पर नोटिस दिए जाएंगे।
-15 साल बाद भी स्कूल चल रहे हैं किराए के भवनों में
-ऐसे स्कूलों की मान्यता भी रद्द करने के नोटिस होगें जारी उच्च शिक्षा विभाग
-यूनिवर्सिटी के लिए एकमुश्त 20 हैक्टेयर जमीन होना अनिवार्य
-नीमराणा की रैफल्स कृषि यूनिवर्सिटी के पास अलग-अलग दो टुकड़ों में है जमीन
-रैफल्स कृषि यूनिवर्सिटी मान्यता रद्द करने की होगी कार्रवाई
-भगवंत और श्रीधर यूनिवर्सिटी को मान्यता देने के मामलों की होगी समीक्षा
-अपेक्स यूनिवर्सिटी को क्लीन चिट
अगली बैठक के लिए मांगी जानकारी
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से पिछली सरकार के अंतिम 6 माह में दिए गए विज्ञापनों की सूची मांगी गई है। मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि गोपालन और पंचायती राज विभाग की भी आज समीक्षा होनी थी, लेकिन अधिकारियों की ओर से ब्रीफ नोट नहीं बनाया इसलिए अगली बैठक में इन विभागों की समीक्षा होगी।





No comments:
Post a Comment