एक तरफ मांगों का अंबार लिए शिक्षक संगठन तो दूसरी ओर राज्य की शिक्षा व्यवस्था में कसावट लाने की कोशिश में शिक्षामंत्री, एक-दूसरे से मुखातिब होंगे। शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा आज शिक्षक संगठनों से वार्ता करेंगे।
इसके लिए संगठनों को पत्र भेजे गए हैं। वार्ता में संगठन सरकार को दिए गए मांग पत्रों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान कई मांगें भी रखी जाएंगी। राजस्थान माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक संघ, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत, शिक्षक संघ भगतङ्क्षसह, राजस्थान शिक्षक संघ (आम्बेडकर) सहित विभिन्न शिक्षक संगठन वार्ता में शामिल होंगे।
ये रहेंगे मुख्य मुद्दे
राजस्थान माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक संघ के महेन्द्र पांडे ने बताया कि रिक्त पद, आवश्यक नए पद स्वीकृत करने, बकाया पदोन्नति, वेतन लाभ, स्कूलों में रोजाना दूध पिलाने की योजना पर पुनर्विचार, पांचवीं तक एसआईक्यूई बंद कर पहले की शिक्षण पद्धति लागू करने, स्थानांतरण नियम बनाने सहित अन्य बिंदुओं पर वार्ता करेंगे।
कुछ मांगें लंबे समय से अधूरी
राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के श्रवण पुरोहित, महावीर सियाग ने बताया कि संगठन नई पेंशन नीति को हटाकर पुरानी लागू करने, स्कूलों में भौतिक संसाधनों की पूर्ति करने, वेतन विसंगतियों की समीक्षा करने, शिक्षक तबादलों के लिए स्थायी नीति बनाने, मंत्रालयिक कार्मिकों के पद बढ़ाने आदि मांगे उठाएगा।
आरक्षण कोटे पर भी बात
राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के मोडाराम कडेला व केशव भाई कच्छावा के नेतृत्व में संगठन के सदस्य शामिल होंगे। इस दौरान सीधी भर्ती नियुक्तियां, आरक्षित वर्ग का कोटा निर्धारित करने सहित कई मुद्दों पर वार्ता करेंगे।





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