उदयपुर/ कानोड़. udaipur school news हद हो गई! सरकारी विद्यालयों ( government schools ) में शिक्षकों ( Teachers ) की मनमानी व्यवस्था पर भारी है। बरसात ( rain ) के दिनों में राजकीय विद्यालय में बच्चों को खुले में पोषाहार के नाम पर मिड-डे-मील ( mid day meal scheme) खिलाया जा रहा है। वहीं विद्यालय के बरामदे ( porch ) का उपयोग शिक्षकों के दुपहिया वाहनों को खड़े रखने में हो रहा है। ये हम नहीं कहते बल्कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय राजपुरा के हाल बयां कर रहे हैं। क्षेत्र के ही जागरूक युवा नरेंद्र पाटीदार ने इस दृश्य को कैमरे में कैद कर राजस्थान पत्रिका ( rajasthan patrika news ) को उपलब्ध कराया। इस पर पड़ताल के दौरान ग्रामीणों के बताए अनुसार इस सच की पुष्टि भी हुई।
शिक्षकों व स्टाफ की गैर जिम्मेदारी की हद तो यह है कि बारिश के दौरान बच्चों को गीले में बिठाकर उन्हें पोषाहार खिलाया जा रहा है। भविष्य बनाने वाले शिक्षकों की मानसिकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह बच्चों के पोषाहार में खुले में गिरने वाली आशंंकाओं को लेकर जरा भी सजग नहीं हैं। बल्कि खुद के वाहनों को बारिश और जंग से बचाने के लिए बरामदे में बच्चों का बैठना प्रतिबंधित कर रखा है।
ग्रामीणो ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले ही विद्यालय प्रशासन से की थी, लेकिन वाहनों को बरामदे से हटाना उचित नहीं समझा। न ही विद्यार्थियों के लिए छत की सुविधा वाले स्थान की व्यवस्था ही की गई।
मामले को लेकर विद्यालय के संस्था प्रधान से बात करने के प्रयास भी किए, लेकिन मोबाइल बंद होने से संपर्क नहीं हो सका।
बड़ा है बरामदा
बात विद्यालय के बरामदे की करें तो बता दें कि यह बरामद बच्चों को आवश्यक पोषाहार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त है। लेकिन, उदासीनता के चलते बीते छह माह से यह बरामदा शिक्षकों की पार्किंग बना हुआ है। दूसरी ओर खास यह है कि आंखों दिखती खामियों को लेकर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी भी मौन साधे हुए हैं।
नरेन्द्र पाटीदार , ग्रामीण युवा, राजपुरा
होगी आवश्यक कार्रवाई
स्कूल के बरामदे में बाइक पार्क करना गलत है। यह बच्चों की बैठक का स्थान है। सत्यापित जांच के बाद पार्किंग करने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महेन्द्र कुमार, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, भीण्डर





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