उदयपुर. Udaipur local news जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में आयड़ तीर्थ पर वर्षावास कर रही साध्वी लक्षिता की सुशिष्या निरागरसा का लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार को देवलोकगमन हो गया। उनकी डोल यात्रा शुक्रवार को निकलेगी। महासभा के मंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि इससे पहले साध्वी निरागरसा ( Sadhvi niragrasa ) का निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। दोपहर 3.30 बजे उन्होंने देह त्याग दी। साध्वी का जन्म बड़ौदा शहर में 58 वर्ष पूर्व माता चम्पा देवी की कुक्षी से हुआ था। धर्म पिता अमृतलाल कोठारी थे। 31 वर्ष पूर्व साध्वी ने आचार्य धर्म सूरिश्वर की निश्रा में सांसारिक जीवन को छोड़ कर साधु जीवन अंगीकार किया था। उनकी एक शिष्या स्मितरसा है, जो भी आयड़ में वर्षावास कर रही हैं। महासभा अध्यक्ष तेज सिंह बोल्या ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10 बजे आयड़ तीर्थ से साध्वी निरागरसा की डोल यात्रा रवाना होकर महासतियां मोक्षधाम पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। डोल यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रहेगी।





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