जयपुर/नई दिल्ली। भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद ( Swami Chinmayanand ) पर यौन शोषण का आरोप लगा गायब हुई छात्रा आखिरकार शुक्रवार को राजस्थान के दौसा में मिली। यूपी पुलिस उसे लेकर शाहजहांपुर जा रही थी कि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उसे पेश करने का आदेश दिया। शाम साढ़े छह बजे यूपी पुलिस उसे लेकर पहुंची तो जजों ने छात्रा से चैंबर में बात की। इसके बाद जस्टिस आर भानुमति व जस्टिस एस बोपन्ना करीब सवा सात बजे सुनवाई करने बैठे। कोर्ट ने रजिस्ट्री को पीडि़ता के चार दिन दिल्ली में रुकने का इंतजाम करने को कहा। दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह छात्रा के माता-पिता को बेटी से मिलाने के लिए दिल्ली लाने का इंतजाम करे। इस दौरान छात्रा से माता-पिता के अलावा वकील भी नहीं मिल सकेंगे।
जयपुर, टोंक व दौसा से मिलने की खबर, राजस्थान पुलिस व इंटेलीजेंस बेखबर
यूपी पुलिस आई और छात्रा को लेकर चली भी गई लेकिन राजस्थान पुलिस और इंटेलीजेंस बेखबर रही। दिनभर चर्चाएं रहीं कि छात्रा टोंक, दौसा और जयपुर में थी। टोंक जिले के नगरफोर्ट क्षेत्र के बालागढ़ में छात्रा के मिलने की सूचना पर पुलिस भी गई, लेकिन वहां यूपी पुलिस के आने का कोई सुराग नहीं लग पाया। राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यूपी पुलिस ने कार्रवाई के बारे में हमें जानकारी नहीं दी। एडिशनल पुलिस कमिश्नर संतोष चालके ने बताया कि कोई भी स्टेट और जिला पुलिस देश में कहीं पर भी स्थानीय पुलिस को बिना सूचना दिए कार्रवाई कर सकती है।
मेहंदीपुर बालाजी: धर्मशाला में मिली
बरेली रेंज के डीआइजी राजेश पांडे ने बताया कि पुलिस को छात्रा दौसा जिले के एक होटल में मिली। शाहजहांपुर देहात एएसपी अपर्णा ने बताया कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पास एक धर्मशाला से मोबाइल लोकेशन के आधार पर छात्रा को टे्रस किया।
पहले लोकेशन: दिल्ली के द्वारका में
24 अगस्त को छात्रा की लोकेशन दिल्ली के द्वारका में मिली थी। वहां पहुंची यूपी पुलिस को पता चला था कि लडक़ी अपने दोस्त संजय सिंह के साथ है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस की चार-पांच टीमें उसकी तलाश में लगी थीं।
छात्रा पर 5 करोड़ मांगने का आरोप
यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि चिन्मयानंद ने इस संबंध में एफआइआर दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि छात्रा 5 करोड़ रुपए मांग रही थी। पैसे न देने पर मीडिया में जाने की धमकी दी थी।
पीडि़ता ने कहा, उत्तर प्रदेश नहीं जाना चाहती
जजों ने कहा कि जब उन्होंने छात्रा से बात की तो उसने कहा कि वह उत्तरप्रदेश नहीं जाना चाहती है, वह तब तक दिल्ली में ही रहना चाहती है, जब तक उसके माता-पिता नहीं आ जाएं। वो अपने माता-पिता से मिलने के बाद ही आगे का रास्ता तय करेगी। जस्टिस आर भानुमति ने कहा कि हम उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इससे पहले दिन में सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने कोर्ट को बताया कि पीडि़ता को राजस्थान से बरामद कर लिया गया है। इस पर कोर्ट ने उसे पेश करने को कहा। यूपी सरकार ने बताया कि उसे फतेहपुर सीकरी तक लाया जा चुका है। हम उसे शाहजहांपुर ले जा रहे थे, लेकिन अब दिल्ली लाया जा रहा है।





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