उदयपुर/ मेनार/ खरसाण. Panther in udaipur बीते नौ दिनों से रूंडेड़ा में पैंथर को लेकर बनी हुई दहशत के बीच शनिवार रात से रविवार देर शाम तक क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन ( search operation ) जारी रहा, लेकिन समाचार ( NEWS ) लिखे जाने तक पैंथर को लेकर विभाग को कोई सफलता नहीं मिली। ब्रह्मसागर तालाब ( pond )के केंचमेंट में पैंथर दिखने के बाद सजग हुए वनविभाग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
इससे पहले शनिवार शाम को बाड़े के समीप से गुजरते हुए कन्हैयालाल व उसकी भाभी का पैंथर से करीब २५ दूरी से सामना हुआ। बचाव में कन्हैयालाल ने भागने की कोशिश की और कीचड़ में गिर गया। सूचना पर स्थानीय लोगों ने तालाब किनारे पैंथर की तलाशी शुरू की, लेकिन पैंथर कहीं नहीं मिला, लेकिन उसके पगमार्ग जरूर दिखाई दिए। इस सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी सोमेश्वर त्रिवेदी शाम ७.५० बजे मौके पर पहुंचे और रिमझिम बारिश के बीच पैंथर के पगमार्ग लिए। मेनार के समीप लोगों ने बाड़ों के किनारे रात्रि गश्त की। वनविभाग के वनपाल शंकरलाल मेनारिया, वनरक्षक सुरेश मेनारिया, मेहताबसिंह, भवानीसिंह, नारायणलाल एवं अन्य ने सर्च ऑपरेशन में हिस्सेदारी निभाई।
आधा दर्जन गांवों में दहशत, सतर्क ग्रामीण
मेनार में ही शनिवार रात को हाई-वे ( national high way ) के दूसरे छोर पर बने फार्म हाउस में पैंथर के पगमार्ग देखे गए। रविवार सुबह ( Sunday morning ) मेनार रूंडेड़ा के बीच चांद मगरे के समीप खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने पैंथर को देखा। इसके बाद से पैंथर को लेकर लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। सजग लोग बाड़ों में बंधे मवेशियों की सुरक्षा को लेकर रात्रि गश्त कर रहे हैं। नवानिया, खेड़ली, बरोडिय़ा, वाना सहित अन्य इलाकों में लोग सजग हैं।
पैंथर ने बदला मूवमेंट
शाम 7 बजे ग्रामीणों ने पैंथर दिखने की सूचना दी थी। मौके पर टीम लगी हुई है। शिकार वाले इलाकों में सजगता से पैंथर के मूवमेंट बदला है। उसके मेनार-रूंडेड़ा से ४ किलोमीटर दूरी पर होने का अंदेशा है। वह लगातार इलाका बदल रहा है। समीपवर्ती खेरोदा-रूंडेड़ा मार्ग पर पगमार्क दिखे हैं, लेकिन ये एक ही पैंथर है। इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सजग लोग खेतों में आग लगाकर सुरक्षा बरत रहे हैं। Panther in udaipur टीम भी गश्त कर रही है।
सोमश्वर त्रिवेदी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनविभाग भींडर
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