जयपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भर्ती ( Additional District and Sessions Judge Recruitment ) प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता हाईकोर्ट ( Rajasthan High Court ) ने खोल दिया है। कोर्ट ने कहा कि उसके अंतरिम आदेश से लिखित परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का परिणाम जारी कर दिया जाए और सफल होने पर उनको साक्षात्कार के लिए भी बुलाया जाए, लेकिन अदालत की अनुमति बिना अंतिम परिणाम जारी नहीं हो। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की विशेष खंडपीठ ने विमला कुमारी मालव व अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश दिया। इन याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं को विभिन्न आधार पर एडीजे भर्ती में चयन के लिए पात्र नहीं माने जाने और उनको चयन प्रक्रिया से बाहर करने को चुनौती दी गई थी। इनमें से कुछ कनिष्ठ विधि अधिकारी थे, तो कुछ विभिन्न जगह पर लोक अभियोजक या उसके समकक्ष पदों पर कार्य कर रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों की याचिकाओं में अनुभव का मामला जुड़ा हुआ था। इन अभ्यर्थियों को एडीजे भर्ती की लिखित परीक्षा में अदालती आदेश पर शामिल कर लिया गया था, इससे लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करने में दिक्कत आ रही थी। इसी को लेकर कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश दिया है।
न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की कोर्ट ने यह आदेश विमला कुमारी व अन्य की याचिका में हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने पूर्व में अंतरिम आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं को लिखित परीक्षा में शामिल किया था। ऐसे में भर्ती की लिखित परीक्षा का रोका गया परिणाम जारी करने की अनुमति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने भर्ती का परिणाम जारी कर सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल करने के आदेश दिए हैं।





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