अजमेर. महाराष्ट्र की रहने वाली बच्ची (girl) के माता-पिता नहीं है। बड़ी बहन के साथ वह लोगों के घर काम कर गुजारा कर रही थी, लेकिन कुछ दिनों पहले एक हादसे में बड़ी बहन की भी मौत हो गई। बेसहारा नाबालिग (minor girl) को उसका मुंह बोला चाचा जॉन अपने घर ले आया।
पुलिस के अनुसार 4 अगस्त को चाचा उसे घुमाने के बहाने अजमेर (ajmer) लेकर आया। यहां किसी धर्मशाला में रुके। उनके चाचा के पास एक 50 वर्ष की उम्र का व्यक्ति आया। वह पास में आकर बैठ गया। चाचा कहीं जाने की कहकर निकल गए। उसके बाद वह लौटे नहीं है। फिर वृद्ध व्यक्ति उसे अपने घर ले गया।
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यूं भागी मौका पाकर
नाबालिग ने बताया कि वृद्ध ने रात को उससे जोर जबरदस्ती (girl molested) करने का प्रयास किया। इससे परेशान होकर किसी समय मौका पाकर छह अगस्त को वहां से भाग आई। रास्तों की जानकारी नहीं होने पर वह किसी तरह पुष्कर पहुंच गई। वहां एक दिन जैसे तैसे निकाला। एक बुजुर्ग ने उसे रुपए देकर सात अगस्त को बस से रवाना किया। वह आठ अगस्त को रतनगढ़ पहुंची। यहां दस अगस्त को संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पुलिस ने उसे बरामद कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां से उसे बालिका आश्रय गृह में भेज दिया गया।





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