अलवर. sariska pandoopol news पाण्डुपोल मेले में सरिस्का प्रशासन की तैयारी पर लोगों की आस्था भारी पड़ सकती है। हर साल पाण्डुपोल मेले में 50 हजार से ज्यादा लोगों की सरिस्का में पहुंच से वन्यजीवों को खतरे के साये में रहना पड़ता है।
sariska pandoopol news सरिस्का बाघ परियोजना स्थित पाण्डुपोल हनुमान मंदिर पर तीन सितम्बर को लक्खी मेला भरेगा। सरिस्का प्रशासन ने मेले के चलते 2 से 4 सितम्बर तक श्रद्धालुओं को सरिस्का में नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा मुहैया कराई है। प्राचीन पाण्डुपोल हनुमान मंदिर की देश भर में मान्यता होने के कारण मेले के दौरान यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग दर्शन को पहुंचते हैं। वहीं आसपास के गांवों एवं जिले भर में पाण्डुपोल हनुमान मंदिर की मान्यता होने के कारण जिले भर से भी बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचते हैं।
sariska pandoopol news सरकारी आंकड़ों में 50 हजार लोगों की पहुंच
पाण्डुपोल हनुमान मंदिर में साल भर लोगों के पहुंचने का क्रम रहता है, लेकिन मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पाण्डुपोल पहुंचते हैं। सरकारी आंकड़ों में पाण्डुपोल में 50 हजार से ज्यादा लोगों की पहुंच मानी गई है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सरिस्का में पहुंंचने से जंगल में मानवीय दखल बढऩा तय है।
बाघ, पैंथर समेत बड़ी संख्या में रहते हैं वन्यजीव
सरिस्का में बाघ, पैंथर, जरख, सांभर, चीतल सहित अनेक प्रजातियों के वन्यजीव हजारों की संख्या में हैं। मेले के दौरान एकाएक हजारों की संख्या में लोगों के जंगल में पहुंचने से सरिस्का प्रशासन के लिए लोगों को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। मेले के दौरान लोगों को बाघ, पैंथरों के हमले से सुरक्षित करने के लिए वनकर्मियों की तैनाती की जाती है, ऐसे में सरिस्का प्रशासन की प्राथमिकता बाघ व पैंथर जैसे खूंखार वन्यजीवों को भीड़ वाली जगह से हटाकर दूर करना होता है। इससे वन्यजीवों के स्वच्छंद विचरण में खलल पड़ता है।
कई बार पहले भी हो चुकी घटनाएं
पाण्डुपोल मेले के दौरान पहले भी कई बार सरिस्का में अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले वर्षों में लघुशंका को गई महिला जंगली ***** के डर से जंगल में चली गई और रात भर वहीं रही। बाद में सुबह महिला को ग्रामीण व वनकर्मी ढूंढकर लाए। इसी तरह सरिस्का स्थित नाले व जलस्रोतों पर मनाही के बाद भी लोग के पहुंचने से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
लगवाएंगे बोर्ड
पाण्डुपोल मेले के दौरान सरिस्का में किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो, इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगवाएंगे। वन्यजीवों से लोगों की सुरक्षा के लिए वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी। लोगों से भी आग्रह है कि वे जंगल में नहीं जाएं और वन्यजीवों से दूर रहें।
घनश्याम प्रसाद शर्मा
सीसीएफ, सरिस्का बाघ परियोजना





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