अविनाश बाकोलिया / जयपुर। दादी का फाटक ( Dadi Ka Phatak ) के पास नारायण नगर में टैंट गोदाम में लगी आग तो बुझ गई, लेकिन अपार्टमेंट के 9 फ्लैट में रहने वाले करीब 40 लोग बेघर हो गए। लोग फिलहाल शरणार्थियों की जिंदगी बसर कर रहे हैं। कुछ अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए, तो कुछ पड़ोसियों के घर पर रूके हुए हैं। अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि अभी तक न तो प्रशासन ने सुध ली और न ही कोई जनप्रतिनिधि यहां पहुंचा है।
लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में बरसों से टैंट गोदाम संचालित है। इसकी शिकायत कई बार झोटवाड़ा थाने में की, लेकिन कभी कोई कार्यवाही नहीं हुई। चीफ फायर ऑफिसर जगदीश फुलवारिया का कहना है कि गोदाम मालिक को नोटिस दिया जाएगा। साथ ही फायर एनओसी की जानकारी ली जाएगी। उसके बाद ही कार्यवाही की जाएगी। शुक्रवार को अपार्टमेंट के लोग इस आस में दिन भर घर के बाहर बैठे रहे कि कोई तो उनकी मदद हो आएगा। टैंट गोदाम में अब भी धुआं उठ रहा था।
डर लग रहा है घर में कैसे जाएं
अपार्टमेंट में द्वितीय फ्लोर पर रहने वाले अमित सिंह ने बताया कि उनके मामा सुरेश सिंह इटावा से इलाज करवाने आए हैं। उनकी पसलियों में फ्रैक्चर है। आग लगने के बाद परिवार ने पड़ोसियों के शरण ली। आशा सैनी का कहना है कि परिवार सहित रिश्तेदार के यहां बास बदनपुरा शिफ्ट हो गए हैं। आग से पूरी दीवारों में दरार आ गई है। एसी, खिड़की-दरवाजे सब कुछ जल गया। दिन भर लोग अपने जले सामान को निहारते हुए नजर आए। फ्लैट में जाने से भी डर लग रहा है। वहीं प्रथम तल पर रहने वाले महेन्द्र सिंह का कहना है कि पड़ोसियों के रूके हुए हैं। बच्चों की किताबें आग में जल चुकी हैं। बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में परेशानी और ज्यादा हो गई।





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