अरविन्द सिंह शक्तावत / जयपुर। प्रदेश में इस बार हुई जबरदस्त बारिश ने जहां एक तरफ पानी की कमी तो दूर कर दी, लेकिन इस बारिश ने राजस्थान को नुकसान भी बडा दिया है। बारिश ने सडक तंत्र को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। प्रदेश में अब तक 49 हजार से ज्यादा किलोमीटर सडकें टूट चुकी है। इन सडकों को ठीक कराने के लिए राज्य सरकार पर बडा भार भी आने वाला है, क्योंकि इन 49 हजार में से करीब 9 हजार किलोमीटर सडकें ही ऐसी हैं,जो डिफेक्ट लायबलिटी में है। इनको ठीक कराने की जिम्मेदारी सम्बन्धित ठेकेदार की होगी, बाकी करीब 40 हजार किलोमीटर सडकें राज्य सरकार को ठीक करानी होगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों को छोड कर प्रदेश में करीब डेढ लाख किलोमीटर सडकें हैं। इस बार हुई बारिश की वजह से इन डेढ लाख किलोमीटर सडकों में से 33 प्रतिशत सडकें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। उदयपुर, जोधपुर, कोटा और जयपुर संभाग में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में इस बार बारिश भी बहुत अधिक आई है। जोधपुर संभाग में सडकों के हाल पहले से ही खराब थे और बारिश ने हालात ज्यादा बिगाड दिए।
कैसे ठीक होंगी दिवाली तक सडकें
राज्य सरकार हर बार बारिश में टूटी सडकों को दिवाली तक ठीक कराने की कोशिश करती है, जिससे त्यौहार के समय आवागमन में किसी तरह की बाधा ना हो, लेकिन इस बार अभी तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है और दिवाली में मात्र एक माह ही बचा है। ऐसे में एक मात्र में 49 हजार किलोमीटर सडकें ठीक हो जाए, यह संभव नजर नहीं आ रहा है।
दुर्घटनाओं को दे रही है बढावा
टूटी सडकें दुर्घटनाओं को भी बढावा दे रही है। प्रदेश में प्रतिदिन बडी दुर्घटनाएं हो रही है। टूटी सडकों को भी इसका जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे में यदि टूटी हुई सडकें जल्द ठीक नहीं हुर्ई तो दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना भी मुश्किल हो जाएगा।
हालात राष्ट्रीय राजमार्गों के भी ठीक नहीं
प्रदेश में हालात राज्य, जिला और ग्रामीण मार्गों के ही खराब नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। जयपुर से दिल्ली, जयपुर से उदयपुर, कोटा—बूंदी के बीच सडकें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। कोटा और बूंदी के बीच तालाब गांव के पास करीब 400 मीटर सडक पानी भरने की वजह से बंद है। इसे चालीस दिन से ज्यादा हो चुके हैं।
यहां है सबसे बुरे हाल
सार्वजनिक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान बाडमेर जिले में है। यहां 3998 किलोमीटर सडकें टूटी हुई है। इसी तरह जोधपुर में 3227 किलोमीटर, उदयपुर में 3458 किलोमीटर,सीकर में 2278 किलोमीटर, पाली में 2128 किलोमीटर और चूरू में 2161 किलोमीटर सडकें टूटी है। जयपुर में 1723 किलोमीटर सडकों को नुकसान हुआ है। अब तक प्रदेश में करीब 49 हजार 216 किलोमीटर सडकें टूट चुकी है।





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