मुकेश शर्मा / जयपुर. अंबाबाड़ी स्थित जगदम्बा नगर निवासी 85 वर्षीय परसराम गुप्ता ने अपनी जीवनभर की पूंजी 12.64 लाख रुपए नवजीवन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी निवेश कर दिए। पीडि़त ने बताया कि बैंक में जमा एफडी को तुड़वा कर सोसायटी में निवेश किया था।
पीडि़त गुप्ता ने बताया कि रोज-रोज घाटगेट स्थित एसओजी मुख्यालय के चक्कर नहीं लगा सकते। लेकिन सोसायटी के पदाधिकारियों ने झोटवाड़ा में जहां ब्रांच ऑफिस खोला था और पीडि़त ने वहां रकम जमा करवाई थी। उस दफ्तर के बाहर जरूर जाते हैं। दफ्तर के भी ताले लग गए हैं। इसी वर्ष सोसायटी से उन्हें रकम वापस मिलनी थी। लेकिन इससे पहले सोसायटी का फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। इस संबंध में एसओजी मुख्यालय में भी शिकायत दी है।
सोसायटी का बोर्ड हटाया
पीडि़त परसराम गुप्ता ने बताया कि सोसायटी का झोटवाड़ा कार्यालय बंद होने के बाद वहां कुछ दिनों तक उसका बोर्ड लगा था। लेकिन अब बोर्ड भी हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिस भवन में यह दफ्तर चल रहा था। उक्त भवन मालिक को किराया भी नहीं दिया। अब भवन मालिक ने वहां पर टू-लेट का बोर्ड लगा दिया है।
तीन में से एक खिलाफ चार्चशीट
गौरतलब है कि एसओजी मुख्यालय में 11 सोसायटियों के खिलाफ शिकायत पहुंची हैं। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते एसओजी की टीम आदर्श क्रेडिट सोसायटी, नवजीवन क्रेडिट सोसायटी और संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के खिलाफ ही अनुसंधान कर रही है। हालांकि तीनों सोसायटी के कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार भी किया है। एसओजी मामले में आदर्श क्रेडिट सोसायटी के खिलाफ ही चार्जशीट पेश कर चुकी है। जबकि अभी नवजीवन और संजीवनी के खिलाफ चार्जशीट पेश करने के लिए अनुसंधान जारी है।





No comments:
Post a Comment