देसूरी. तहसील क्षेत्र में औसत से अधिक बरसात के चलते छह बांध ओवरफ्लो हो गए। तालाबों व एनिकट पानी से भर गए हैं। नदी-नालों में वर्तमान में भी पानी बह रहा है। इससे क्षेत्र के कुएं रिचार्ज हो रहे हैं। इससे किसानों को रबी की फसलों में सिंचाई के लिए कुओं से पर्याप्त पानी मिल जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में इस बार बारिश औसत से अधिक होने से नदी-नालों में पानी की आवक अधिक होने से क्षेत्र में स्थित जल संसाधन के 9 बांधों में पानी की अच्छी आवक हो गई। गांवों व ढाणियों में स्थित तालाब व एनिकट भी बरसात कें पानी से भर गए। वही छह बांध ओवरफ्लो होने से नदियों व नालों में भी पानी चल रहा है। अरावली से निकलने वाली नदियों में भी पानी की अभी भी आवक हो रही है।
ये नदियां अब भी बह रही कलकल
क्षेत्र में स्थित सादड़ी की दोनों नदियों, घाणेराव की मुख्य नदी और नाला, देसूरी नदी एवं नाला तथा सुमेर, पनोता की नदियों सहित अन्य नालों में बरसात थमने के बाद भी लगातार पानी बह रहा है। इससे जहां पानी की आवक बांधों में हो रही है। वही कुएं भी रिचार्ज हो रहे हैं।
तीन माह नदियों में बह सकता है पानी
अरावली पर्वतमाला में हुई बरसात के कारण नदी-नालों में पानी की आवक लगातार हो रही है। इससे सेलीनाल बांध, हरिओम सागर बांध, काणा बांध, राजपुरा बांध, केसूली बांध में पानी की आवक हो रही है। ऐसे में अरावली पर्वत निकलने वाली नदीयों में तीन माह से भी तक पानी बह सकता है। जिसका फायदा क्षेत्र के किसानों को होगा।
इन बांधों पर चल रही चादर
क्षेत्र में स्थित काणा बांध, सेलीनाल बांध, रणकपुर बांध, राजपुरा बांध, जूनामलारी बांध, केसूली बांध में लगातार पानी की आवक होने से ओवरफ्लो हैं। इसके कारण नदी-नालों में पानी बह रहा है। अ
किसानों के लिए वरदान नदी-नाले
क्षेत्र में स्थित नदी-नाले इन दिनों किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इनमें पानी बहने से कुओं का जलस्तर बढ़ गया है। इसका फायदा रबी की फसलों की सिंचाई में होगा।
कूपराम चौधरी, किसान घाणेराव, पूनाराम चौधरी, किसान, देसूरी





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