उदयपुर. mbbs student रवींद्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में निजी संस्था के सहयोग से बीते दिनों आयोजित रक्तदान शिविर सवालों के घेरे में आ गया है। नए सत्र के तहत एमबीबीएस प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरदस्ती कर रक्तदान का दबाव बनाया है। सीनियर्स के डर से उन्होंने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। दूसरी ओर कार्यक्रम के आयोजक एमबीबीएस के इंटर्न विद्यार्थी ने इस तरह के आरोपों को निराधार बताते हुए व्यक्ति विशेष के ऊपर गलत प्रचार प्रसार करने की आशंका जताई है। दूसरी ओर कॉलेज प्राचार्य ने किसी स्तर पर इस तरह की शिकायत नहीं मिलने की बात कही।
ऐसा है मामला
हुआ यूं कि निजी संस्था के सहयोग से आरएनटी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में 29 अगस्त को रक्तदान शिविर आयोजित हुआ था। इसमें 165 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ था, जिसमें 35 यूनिट रक्त रेजीडेंट डॉक्टर्स की ओर से डोनेट किया गया था। मामले को लेकर एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का आरोप है कि सीनियर्स ने उन पर रक्तदान का दबाव बनाया। डर में आकर उन्होंने रक्तदान किया। इसके बाद कुछ विद्यार्थी बीमार भी हो गए थे। आरोप है कि कुछ सीनियर्स कालांश के पहले दिन आए और उन्हें कार्य विशेष के लिए धमकाया। नहीं जाने पर बाद में देख लेने की बात कही।
कोई जबरदस्ती नहीं
ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगा था। प्राचार्य खुद मौके पर मौजूद थे। सभी रक्तदाताओं का स्वास्थ्य जांचा गया था। सबने सहमति फार्म पर हस्ताक्षर किए थे। संस्था के सहयोग से इस तरह के छह शिविर हो चुके हैं। कभी किसी स्तर पर शिकायत नहीं हुई। किसी ने दुर्भावनवश गलत शिकायत की होगी।
डॉ. प्रशांत शर्मा, आयोजक व इंटर्न एमबीबीएस, रक्तदान शिविर
मुझे नहीं मिली शिकायत
मैं खुद शिविर में 12.30 बजे तक मौजूद था। किसी ने मौके पर रक्तदान को लेकर विरोध नहीं किया। mbbs student इस मामले में कोई शिकायत भी नहीं मिली है।
डॉ. डी.पी.सिंह, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज





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