उदयपुर. rastra sant kamal muni kamlesh राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि दुनिया में कोई भी किसी निर्दोष के कत्ल की इजाजत नहीं देता। हिंसा मानवता पर कलंक है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से पंचायती नोहरे में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते कहा कि मुनि ने कहा कि मानवीय रिश्तों को मजबूत करने वाला ही सबसे महान धर्म है। उन्होंने कहा कि अहिंसा वादियों को संगठित सक्रिय और प्रशिक्षित बनकर धर्मस्थल की चारदीवारी से बाहर आकर अहिंसा की क्रांति लानी होगी। तब ही विश्व को विनाश से बचाया जा सकता है।
बतौर अतिथि पुलिस महानिरीक्षक विनीता ठाकुर ने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। बुराइयों के खिलाफ हौंसला बुलंद करने से ही यह संभव है। कार्यक्रम में आईजी ठाकुर ने मुनि से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। दिगंबर संत आचार्य चंद्र सागर ने कहा कि परस्पर मैत्री और सद्भाव का माहौल बनाना ही धर्म पालन के समान है। तेरापंथ संघ के प्रसन्न मुनि ने कहा कि भेदभाव और नफरत हिंसा की जननी है। न्यायाधीश प्रकाश पगारिया ने कहा कि कानून दो दिलों के दूरियों को कम करने में सक्षम नहीं हो सकता। मौके पर कश्मीर से कन्या कुमारी तक आए धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ,़ मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार सहित करीब 18 राज्यों से धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों से जुड़े धर्मप्रेमियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
दिवाकर मंच के राष्ट्रीय संरक्षक अशोक मेहता, अध्यक्ष शांतिलाल नागौरी, महिला अध्यक्ष कल्पना मुथा, युवा अध्यक्ष आशीष जैन ने विचार व्यक्त किए।
मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजपाल सिंह ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक विवादों का अंत ही धर्म की शुरुआत है। हिंदू समाज के संत लक्ष्मण सिंह मौके पर धार्मिक एकता पर जोर दिया। संघ महामंत्री सुरेश चंद्र नागौरी कोषाध्यक्ष गणेश लाल मेहता, शंकर लाल डांगी, हिम्मत वडाला ने अतिथियों का स्वागत किया। दिवाकर मंच उदयपुर के अध्यक्ष अनिल जारोली ने स्वागत किया। संजय जैन, चंद्र सिंह चोपड़ा, जीवन सिंह सराफ , मांगीलाल दक ने बताया कि आतंकवाद जीव हत्या व्यसन मुक्ति राष्ट्रीय एकता के लिए 1000 कार्यकर्ता कश्मीर से कन्याकुमारी तक वैचारिक क्रांति का शंखनाद करेंगे। rastra sant kamal muni kamlesh इधर, महासती प्रिय दर्शना ने संस्कारों की रक्षा पर जोर दिया। कौशल मुनि ने मंगलाचरण किया। वहीं घनश्याम मुनि ने लोगों को संबोधित किया।





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