उदयपुर. सभी राजकीय महाविद्यालयों के लिए आयुक्तालय से जारी निर्देशों के अनुसार पुस्तक दान अभियान का आयोजन कर सामुदायिक पुस्तक शाला की स्थापना हो रही है।
आयुक्तालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार डॉ. निधि श्रीवास्तव, प्राचार्य राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय ने बताया कि सरकारी कॉलेजे में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है कि अब सभी राजकीय महाविद्यालयों में पुस्तक-दान अभियान द्वारा सामुदायिक पुस्तक-शाला स्थापित करवई जा रही है। संचालन महाविद्यालयों में कार्यरत टीचर्स में से कुछ का एक समिति बनावाकर कराया जाएगा। इस समिति में ५ से १५ तक विद्यार्थियों को भी सह-सदस्य बनाया जाएगा। इस सामुदायिक पुस्तक-शाला की विशेषता यह होगी कि इसमें पुप्तकों का लेन देन टीचर्स की निगरानी में विद्यार्थियों की ओर से ही की जाएगी। यह व्यवस्था महाविद्यालयों में संचालिम लाइब्रेरी सुविधा से अलग रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की जरूरत की पुस्तकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के साथ साथ एक पारदर्षी व्यवस्था स्थपति करवाते हुए विद्यार्थियों को प्रषिक्षित करना है।
राजकीय महाविद्यालयों में से कुछ में उनके स्तर पर किसी विषय विशेष में इस प्रकार की लाइब्रेरी सुविधा पहले से है, परन्तु उसे टीचर्स की ओर से संचालित किया जाता है, जबकि इस पुस्तक-दान अभियान के माध्यम से स्थापित करवाई जा रही इस पुस्तक-शाला में विद्यार्थी ही इसे संचालित करेंगे। इसमें प्रबंधन समिति में नामित विद्यार्थी का कार्यकाल अधिकतम २ वर्ष के लिए रहेगा।
इस पुस्तक-शाला की स्थापना के लिए वांछित पुस्तकों को 'डोनेट ए बुकÓ कैम्पेन के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा। इसमें कॉलेज के टीचर्स, पास-आउट स्टूडेंट्स तथा आम नागरिक पुस्तकें दान कर सकते हैं। विभाग की आरे से जारी परिपत्र में यह उल्लेख भी किया गया है कि किस प्रकार की पुस्तकें दान में दी जा सकती हैं।





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