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जीवनदायिनी नदियां बनी डम्पिंग यार्ड

सादड़ी. डम्पिंग याडऱ् निर्माण के अभाव में नगरपालिका घरों से संग्रहित किया सूखा-गीला कचरा जीवनदायिनी नदियों में डाल रही है। इससे जीवनदायिनी नदियां दूषित होने के साथ इस कचरे पर दिनभर मवेशी मंडराते रहते हैं। जो यहां से सीधे आसपास के खेतो तक पहुंच खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार पालिका का ध्यान आकर्षित करवाया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पालिका क्षेत्र में स्वच्छता पर प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं लेकिन लोग स्वास्थ्य को लेकर चिन्तित हैं। डम्पिंग यार्ड निर्माण योजना कागजों में दफन होकर रह गई है।
पालिका क्षेत्र में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के कुल २५ वाडऱ्ो से घर-घर कचरा संग्रहण के तहत ६-८ रिक्शा, ०२ ट्रेक्टर प्रतिदिन सूखा-गीला कचरा एकत्र कर रहे हैं। प्रतिदिन एकत्र कई टन कचरा, निर्माणाधीन आवासों का मलबा मघाई, सुकडी नदी में रणकपुर सडक़ मीणों का झूपा पुलिया से राजपुरा परशुराम बगेची, पगला बावडी, मादा मघाई नदी से भादरास पुलिया एवं आगे मीणों का झूपा तक कचरा डाला जा रहा है। पालिका ने पिछले दिनों डम्पिंग यार्ड निर्माण का स्वप्न दिखाया जो फाइलों में दफन है।
नदियों में डाला जा रहा कचरा
पालिका क्षेत्र का सूखा-गीला कचरा नदियों में डाला जा रहा है। इससे नदियां दूषित हो रही हैं। पालिका शीघ्र डम्पिंग याडऱ् निर्माण करवाकर आवाम को प्रदूषण से राहत दें।
चम्पत बेनीवाल, चुन्नीलाल माली, हीराराम जाट, ग्रामीण, सादड़ी
शीघ्र पूरा करवाएंगे
सुथारों का गुडा के पास पालिका को आंवटित भूमि पर डम्पिंग याडऱ् निर्माण प्रस्तावित किया था लेकिन धार्मिक आस्था से विरोध उभरने की आशंका को लेकर अन्यत्र निर्माण करवाना प्रस्तावित किया है। जिसका शीघ्र निर्माण पूर्ण करवाया जाए, इसके सार्थक प्रयास किए जाएंगे।
दिनेश मीणा, पालिकाध्यक्ष, नगरपालिका, सादड़ी



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