Breaking News
recent

केरल के राज्यपाल खान बोले : भारत की मजबूती के पीछे आध्यात्म की प्रमुख भूमिका

अजमेर. केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि साफ कहा कि कुछ लोगों ने धर्म का दुरुपयोग किया है। जो लोग व्यक्ति,बलवान या धनकुबेर को आदर्श मानते हैं। वे अधिक समय तक नहीं टिक पाते। भारत जैसे देश में बड़े नेता, सेनाध्यक्ष अथवा बलशाली व्यक्तित्व को कभी आदर्श के रूप में नहीं देखा गया है। हमारे समाज के आदर्श वह होते हैं, जिन्होंने त्याग और सेवा की मिसाल बनकर लोगों को प्रेरित किया है।

स्वामी विवेकानंद एेसे ही युगपुरुष थे, जिन्होंने देश और दुनिया को नई दिशा दी। खान गुरुवार को जवाहर रंगमंच पर विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी की ओर से स्वामी विवेकानंद की दृष्टि में विश्वबंधुत्व कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

खान ने कहा कि पूरे दुनियां में भारत को ज्ञान का केन्द्र माना जाता था। भारत अकेला एेसा देश है, जहां चमड़ी के रंग, रीति रिवाज, पूजा-अर्चना को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। तमाम अलगाव के बावजूद देश के लोगों को यहां के आध्यात्म की डोर ने एक सूत्र में बांध रखा है।
हमारी इसी विरासत और संस्कृति पर जमी धूल को स्वामी विवेकानंद ने साफ कर नई पीढ़ी को सौंपा। उन्होंने कहा कि भारत देश में धर्म शब्द का दुरुपयोग हुआ है। कुछ गलतियां भी हुई है। दरअसल रिलीजन शब्द का अनुवाद धर्म कर लिया गया, जबकि भारत का धर्म आध्यात्मिक है।

स्वामी का आदर्श करने होंगे आत्मसात

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि किसी को समझना है तो उसे जीना पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने दो साल ईसाई मतावलंबी बनकर उसे प्रयोगात्मक तरीके से समझा। वे पांच वक्त की नमाज भी पढ़ते थे और अजान भी स्वयं देते थे। गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर ने भी लिखा है कि अगर भारत को समझना है तो स्वामी विवेकानंद का अध्ययन करना होगा।

उन्होंने कहा कि शिकागो विश्व धर्मसंसद में विवेकानंद के उद्बोधन को सुनने के बाद न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा कि हम यह बेवकूफी कर रहे हैं कि हमारी मिशनरी को भारत भेजकर उन्हें शिक्षा देने का प्रयास कर रहे है,जबकि असलियत यह है कि भारत के ज्ञान की पूरे विश्व को जरूरत है। महापौर धमेन्द्र गहलोत और विवेकानंद केन्द्र के प्रांत प्रमुख भगवानसिंह ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन रंगकर्मी और साहित्यकार उमेश कुमार चौरासिया ने किया।

दरगाह में लगाई हाजिरी

केरल के राज्यपाल खान ने गुरुवार को ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाजिरी दी। उन्हें जियारत सैयद लियाक़त हुसैन मोइनी ने कराई। अंजुमन सचिव मोइन हुसैन अंगारा शाह, दरगाह कमेटी सदस्य मुनव्वर खान, दरगाह नाजि़म शकील अहमद आदि ने उनका इस्तकबाल किया। इस दौरान कमेटी सदस्य मुनव्वर खान ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को कायड़ विश्रामस्थली पर डोरमेट्री निर्माण का प्रस्ताव सौंपा।

दरगाह दीवान से की चर्चा

खान ने ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन ने अपने निवास पर स्वागत किया। दीवान ने उनके स्वागत में निवास स्थान के मार्ग पर टेंट लगवाया और लाल कारपेट बिछाया। बाद में आरिफ मोहम्मद ने दीवान के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान दरगाह दीवान ने कहा कि वे मुल्क के हित में हमेशा तैयार हैं। दीवान ने दरगाह कमेटी की ओर से रखे गए डोरमेट्री निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि दरगाह में केरल से भी बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं, उनके यहां ठहरने की सुविधा होनी चाहिए। इस पर आरिफ मोहम्मद ने कहा कि वे वहां जाकर केरल सरकार से इस संबंध में बात करेंगे

ब्रह्मा मंदिर में टेका मत्था

केरल के राज्यपाल ने पुश्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर जाकर भी दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने परम्परागत रूप से पूजा की। भगवान ब्रह्मा से सुख-शांति की कामनाएं की। मंदिर के महंत ने खान का स्वागत किया।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.