लालसोट. दसलक्षण पर्व विधान का शुक्रवार को पूर्णाहुति कार्यक्रम जैन नसियां प्रांगण में जैनाचार्य संत विवेक सागर के सान्निध्य में हुआ। दस दिवस तक विधान में बैठने वाले श्रद्धालुओं ने मंत्रो"ाार के साथ श्रीजी के सम्मुख हवन कर आहुतियां दी। इस अवसर पर जैन आचार्य ने कहा कि धर्म जीवन का निचोड़ है। धर्म प्रदर्शन की नहीं, आत्मदर्शन की वस्तु है। धर्म ही समस्त सुखों को देने वाला है।
The procession of the fasting devotees
वहीं छोटे जैन मन्दिर में दस लक्षण पर्व पर दस दिवस तक उपवास तथा तीन दिवस का उपवास करने वाले श्रद्धालुओं का वर्षा योग समिति के तत्वावधान में गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरता हुआ जैन नसियां पहुंचा। वहां पर दस दिन तक उपवास पर रहे गीता देवी गंगवाल, मुन्ना देवी सोनी, कमल बडजात्या तथा तीन दिवस तक उपवास करने वाले वैद्य ताराचन्द जैन, कमला देवी सोनी एवं त्रिशला टम्मी जैन का समाज के सम्मुख उपवास खुलाकर पारणा कराया गया।
इस अवसर पर जैन संत समर्पण सागर, क्षुल्लक दिव्य चारित्र सागर, ब्रम्हचारिणी सरिता, हर्षिता सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने भी उपवास करने वालों का स्वागत किया। मीडिया प्रभारी सुशील जैन ने बताया कि रत्नत्रेय का तीन दिवसीय उपवास करने वाले पांच त्यागी वृत्तियों का शनिवार सुबह पौने दस बजे बड़े जैन मन्दिर में जुलूस निकाला जाएगा।(नि.सं.)
जैन मंदिर में कई आयोजन
नांगल राजावतान. ग्राम पंचायत छारेड़ा मुख्यालय पर दिगम्बर जैन मंदिर में हो रहे दशलक्षण पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। मंदिर में भजन, प्रश्नोत्तरी, अंत्याक्षरि आदि कार्यक्रम हुए। इसमें प्रथम विजेता विमल जैन, मोनाली जैन, राहुल जैन रहे। द्वितीय विजेता महिमा जैन, पिन्टू पाटनी आदि रहे। इससे पहले भगवान का कलशाभिषेक, मण्डल विधान आदि हुए। इस मौके पर दिनेश सौगानी, हंसकुमार जैन, नाथूलाल जैन, ताराचंद जैन, हुकम पाटनी, रिंकी जैन, सुनिता, सुशीला जैन, विनोद कुमार, उत्तम चंद आदि मौजूद थे।
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