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राजस्थान के इन कॉलेजों में किताबें नहीं हैं, कोई दे दो : कॉलेज आयुक्तालय

जया गुप्ता / जयपुर। राज्य सरकार ( Rajasthan State government ) ने प्रदेश में 37 नए सरकारी कॉलेज ( New Government college ) तो शुरू कर दिए, मगर इन कॉलेजों में पढ़ाने के लिए न तो शिक्षक हैं और न ही किताबें। ऐसे कॉलेज आयुक्तालय ( College commissioner ) अब विद्यार्थियों के लिए समाज के लोगों से किताबें इकठ्ठा करेगा। इसके लिए आयुक्तालय ने 'कम्युनिटी बुक बैंक' योजना शुरू की है।

Community Book Bank के तहत हर कॉलेज अपने-अपने स्तर पर कॉलेज के पूर्व विद्यार्थियों को किताबें दान के लिए पे्ररित किया जाएगा। साथ ही जन सहयोग से भी पुस्तकें प्राप्त की जाएगी। इस प्रकार से प्राप्त किताबों के लिए महाविद्यालयों में 'सामुदायिक पुस्तक शाला' कक्ष की स्थापना की जाएगी।

ये किताबें ली जाएंगी

- कॉलेज में संचालित विश्वविद्यालय के नियमित पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकें, जो कि फीट-पुरानी नहीं हो। तीन वर्ष से अधिक पुरानी नहीं हो।

- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से संबंधित किताबें। करंट अफेयर्स की किताबें एक वर्ष से अधिक पुरानी और सामान्य ज्ञान की दो वर्ष से अधिक पुरानी किताबें नहीं ली जाएंगी।

यूं विद्यार्थियों को देंगे किताबें

सामुदायिक पुस्तक शाला में आई किताबों को सबसे पहले बीपीएल व आर्थिक रुप से कमजोर तबके के छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा। इसके बाद कॉलेज में नियमित आने वाले व पिछली परीक्षा में उच्च श्रेणी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

फैक्ट फाइल

- कुल 300 सरकारी कॉलेज हैं प्रदेश में।

- इनमें से 289 संचालित।

- पांच लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं इन कॉलेजों में।


वर्जन -

- इस योजना के तहत महाविद्यालय में पढऩे वाले सभी विद्यार्थियों तक पुस्तकों की पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा।

भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षा मंत्री

- महाविद्यालयों के प्राचार्यों को 'कम्युनिटी बुक बैंक' स्थापना के निर्देश दे दिए हैं। ये पुस्तकें विद्यार्थियो को इश्यू करने, उनकी प्रविष्टि और वापस जमा करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

प्रदीप कुमार बोरड़, विशिष्ट शासन सचिव, उच्च शिक्षा एवं कॉलेज शिक्षा आयुक्त



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