बीकानेर. आ गर्मी तो चेत-वैशाख जिसी गर्मी है। इन दिनों शहरवासियों की जुबां पर सितंबर की गर्मी को देखते हुए यह पीड़ा ही व्यक्त हो रही है। सुबह से लेकर शाम तक लोगों को गर्मी से बेहाल किया हुआ है। गर्मी के चलते शहरवासियों के पसीने छूट रहे है। सुबह 10 से 4 बजे तक सड़कों पर मानो कफ्र्यू लगा हो। शहरवासी अब शाम 4 बजे के बाद ही घरों से निकल रहे है। दोपहर में सूर्यदेव अपना प्रकोप दिखा रहे है। पिछले साल की तुलना में इस साल अभी तक सबसे ज्यादा तापमान रहा। मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बीकानेर जिला का रहा।
जिले का ४१.६ डिग्री तापमान होने के साथ ही सबसे गर्म रहा। सितंबर में इतनी भीषण गर्मी से शहरवासियों को अब बारिश का इंतजार है। जिससे वे इस गर्मी से राहत ले सकें। मौसम विभाग ने भी अब बारिश के लिए चेतावनी भी नहीं दी है। हालात यह है कि सूरज उगने से पहले ही गर्मी तेज शुरू हो जाती है। सुबह १० बजते ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाता है। भीषण गर्मी के चलते सूरज के तेवर पिछले एक सप्ताह से लगातार तीखे हो गए है। पारा 40 डिग्री के पार पहुंचने के बाद शहरवासियों को सुबह से लेकर शाम तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर मे तेज धूप के कारण आवश्यक काम से ही घर से बाहर निकल रहे है।
दोपहर में तापमान अधिक होने के कारण कूलर की हवा भी गर्म महसूस हुई। सूरज ढलने के बाद हवा नहीं चलने से उमस रही लेकिन गर्मी के तेवर वैसे ही रहे। तापमान में हो रहे बदलाव के चलते मौसमी बीमारियां भी फैल रही है। अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले तीन सालों में सितंबर में अधिक तापमान
2016- 41.5 डिग्री
2017- 41.8 डिग्री
2018- 40.0 डिग्री
यह रहा तापमान
जिला तापमान
बीकानेर ४१.६
चुरू ४१.२
श्रीगंगानगर ४१.१
जैसलमेर ४०.३
बाड़मेर ३७.९





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