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बांधों का पानी रोका तो नदियां सूख जाएंगी, नदियों का बहना भी जरूरी

-केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताई मोदी सरकार की 100 दिन की उपलब्धि

जयपुर। केन्द्र सरकार (Central government) के 100 दिन पूरे होने पर सोमवार को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने मोदी सरकार (Modi government) के कार्यकाल का ब्योरा दिया। इस दौरान उनसे पूछा गया कि बीसलपुर बांध (Bisalpur Dam) के गेट खोलकर पानी व्यर्थ बहाया जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि बांधों के पानी को रोका नहीं जा सकता। बांध हाइड्रो सर्वे के आधार पर बनाए जाते हैं, क्या गारंटी है कि जैसी बारिश इस बार हुई है वैसी अगले साल भी हो। बांधों का पानी रोका तो नदियां सूख (Rivers dry up) जाएंगी। नदियों का बहना भी जरूरी है। नदियां चालू रहने से जमीन में पानी का रिचार्ज (Water recharge) होता है।

370 खत्म करना 100 दिन की बड़ी उपलब्धि
शेखावत ने गिरती जीडीपी, बेरोजगारी, देशव्यापी मंदी को लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाना केन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में लिए निर्णयों का देश की सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक स्थिति पर दूरगामी असर होगा। शेखावत ने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त करने से जम्मू कश्मीर में संविधान के सभी प्रावधान देश के अन्य राज्यों की तरह लागू हो जाएंगे। इससे जम्मू कश्मीर की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा सामाजिक आर्थिक ढांचा भी मजबूत होगा। जम्मू कश्मीर के कमजोर तबकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल है।
अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर
शेखावत ने ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। इसी दिशा में बैंकों के विलय, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से अतिरिक्त साख सुविधा उपलब्ध कराने जैसे क़दम उठाए गए हैं। इसके साथ ही 100 लाख करोड़ की आधारभूत ढांचे संबंधी परियोजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। देश में व्याप्त मंदी और गिरती जीडीपी पर शेखावत ने कहा कि मंदी के दौर में भारत हमेशा मजबूती से खड़ा रहा है। गिरती जीडीपी, मंदी के दौर को रोकने और बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए ही हमने बैंकों का विलय किया है, जिससे सरकार के पास ज्यादा पूंजी रहेगी।

पूर्वी राजस्थान नहर के लिए राज्यों में सहमति बनें

शेखावत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच आपसी सहमति की आवश्यकता बताते हुए कहा है कि इन दोनों राज्यों में समझौते के बाद इस पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि 35 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना से तेरह जिलों को लाभ मिलेगा तथा दोनों राज्यों में सहमति के बाद प्राथमिकता से इस पर काम शुरू होगा। सीकर, चूरू एवं झुंझुनूं जिलों के लिए पेयजल एवं ङ्क्षसचाई नहर परियोजना पर पूछे प्रश्न के जवाब में शेखावत ने कहा कि इस परियोजना के तहत चूरू में पानी एकत्र किया जाएगा। इसमें पानी पाइप से लाने पर विचार किया जा रहा है। अंतरराज्यीय जल समझौते में पंजाब में पांच मिलियन एकड़ फीट पानी लेने के बारे में राज्य को आधारभूत सुविधांए विकसित करने का काम शुरू करना चाहिए।



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