उदयपुर/ मावली (निप्र). free electric connections गरीबों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के दावे कर केंद्र और प्रदेश की सरकारें भले ही खुद का वोट बैंक मजबूत करती हो, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। कनेक्शन सुविधा के नाम पर कार्य में लगे ठेकेदार के कार्मिक लाभार्थी से मनमानी वसूली कर रहे हैं। ये राशि दो से तीन हजार रुपए तक होती है। बुधवार रात को मावली तहसील क्षेत्र के साकरिया खेड़ी गांव में इसका खुलासा हुआ।
इससे पहले ग्रामीणों की शिकायत पर मावली प्रधान जीतसिंह चूण्डावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम के अभियंताओं को अवगत कराया। जवाब में निगम के अधिकारियों ने भी त्वरित कार्रवाई की। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता मौके पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद प्रधान व ग्रामीणों ने हकीकत से रूबरू कराया। अधिशासी अभियंता ने प्रत्येक लाभार्थी के बयान रिकॉर्ड किए। साथ ही ठेकेदार कार्मिकों से लिए गए भुगतान को पुन: दिलाने का आश्वासन दिया। अधिशासी अभियंता ने मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर कटाने की भी बात कही।
इनसे की अवैध वसूली
प्रधान और निगम अधिकारियों की उपस्थिति के बाद वसूली का चि_ा खुलता ही गया। एक के बाद एक पीडि़त सामने आया। अब तक हुई कार्रवाई में सामने आया कि ठेकेदार के नुमाइंदों ने गांव के नवला भील, उमा भील, नाथू भील, बाबरू गायरी, कूका गायरी, तुलसीराम गायरी, प्रकाश गायरी, काना गायरी, रामू गायरी सहित अन्य से वसूली की है।
प्रधान ने जिम्मेदारी निभाई
बुधवार को हुई मौका कार्रवाई के बाद सक्रिय प्रधान ने मामले में गुरुवार को भी गंभीरता दिखाई। नि:शुल्क विद्युत योजना के नाम हुई अवैध वसूली की राशि को प्रधान ने खुद के समक्ष ठेकेदार से पीडि़तों को दिलवाई। ग्रामीणों ने मौके पर प्रधान का धन्यवाद ज्ञापित किया।
पहले भी की थी वसूली
मावली पंचायत समिति के करीब 50 गांव में ठेकेदार स्तर पर नि:शुल्क कनेक्शन सुविधा के नाम पर अवैध वसूली की गई है। साकरिया खेड़ी के ग्रामीणों की राशि पुन: दिलाई गई है। free electric connections इससे पहले मोरठ पंचायत में भी करीब 100 लाभार्थियों से की गई अवैध वसूली का पुन: भुगतान कराया था।
जीतसिंह चूण्डावत, प्रधान, मावली





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