अजय सोलोमन / जयपुर। सुर सम्राज्ञी और भारत रत्न लता मंगेशकर शनिवार को 90 वां जन्म दिवस मनाएंगी। अब तक की सुरों की इस लंबी यात्रा में लता मंगेशकर का राजस्थान से भी नाता रहा है। करीब 32 पूर्व राजस्थान में पड़े भीषण अकाल के बाद पीडि़तों की मदद के लिए उन्होंने पहली बार जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में परफार्म किया था। साथ ही पीडि़तों के लिए एक करोड़ एक लाख रु. का चेक तत्कालीन मुयमंत्री हरिदेव जोशी को सौंपा था।
सुर संगम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पहली बार लता मंगेशकर ने एक साथ 26 गाने सुनाकर श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर दिया था। सुर संगम के अध्यक्ष रहे के.सी.मालू ने बताया कि उस दिन उपवास के बावजूद भी उन्होंने देर तक परफॉर्म किया। उन्हें सुनने और झलक पाने के लिए स्टेडियम में करीब चालीस हजार दर्शकों के साथ ही तत्कालीन मुयमंत्री भी टिकट लेकर दर्शक दीर्घा में मौजूद थे।
राजस्थानी गाने को भी दी आवाज
गाइड फिल्म के गीत 'कांटों से खींचकर ये आंचल....' के बाद लता मंगेशकर ने कई हिट गाने सुनाए। संगीतकार खेमचन्द प्रकाश के अनुरोध पर महल फिल्म का 'आएगा आने वाला...' गाया तो माहौल एक दम शांत हो गया। फिर नीतिन मुकेश के साथ राजस्थानी गीत 'थानै काजळियों बणा ल्यंू...' पेश किया तो दर्शक थिरक उठे। कार्यक्रम में उनकी बहन उषा मंगेशकर और मोहमद अजीज ने भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। अंत में लता मंगेशकर ने पसंदीदा गीत 'अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू....' सुनाया था।
सिगरेट नहीं पीने की अपील
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी भी टिकट लेकर बैठे थे। लताजी ने माइक पर लोगों से कहा कि कृपया आप सिगरेट नहीं पिए। मुझे गाने में परेशानी हो रही है। तब एक आवाज में सिटरेट बुझ गई। सुर संगम के अध्यक्ष रहे के.सी.मालू के मुताबिक उस दिन लता मंगेशकर का उपवास भी था। उपवास के दौरान उन्होंने जीवन में पहली बार कार्यक्रम में गीत गाए।





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