अलवर. sariska pandoopol news पाण्डूपोल मेले में किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए सरिस्का प्रशासन ने तैयारी की है। सरिस्का में श्रद्धालुओं के पैदल चलने पर रोक रहेगी, वहीं दण्डौती लगाने वाले श्रद्धालुओं पर यह रोक लागू नहीं होगी। श्रद्धालुओं को वन्यजीवों से दूर रखने के लिए होमगार्ड व वनकर्मी तैनात किए जाएंगे। पाण्डूपोल मेले के लिए श्रद्धालुओं को 2 से 4 सितम्बर तक निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
पाण्डूपोल मेले के लिए सरिस्का प्रशासन ने उमरी तिराहे से पाण्डूपोल मंदिर तक श्रद्धालुओं पर नजर रखने एवं उन्हें वन्यजीव से दूर रखने के लिए 20 होमगार्ड जवान व 7 वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं बालेटा से उमरी तिराहे क्षेत्र के नोडल अधिकारी एसीएफ अकबरपुर रहेंगे, टहला से कालीघाटी तक के लिए एसीएफ टहला तथा सरिस्का मुख्य गेट से उमरी तिराहे क्षेत्र के लिए एसीएफ सरिस्का नोडल अधिकारी होंगे।
sariska pandoopol news मानव और वन्यजीव संघर्ष पर विशेष ध्यान
सरिस्का प्रशासन का मुख्य ध्यान मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाओं पर रहेगा। इसी के चलते सभी नोडल अधिकारियों व वनकर्मियों को विशेष चौकसी के निर्देश दिए गए हैं। होमगार्ड व वनकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों को जंगल में जाने से रोकें तथा वन्यजीव खासकर बाघ व पैंथरों के मूवमेंट को श्रद्धालुओं से दूर रखें। वहीं पानी वाले क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को नहीं जाने दिया जाए। इसके लिए करनाका बास सहित अन्य जलस्रोतों पर विशेष चौकसी के निर्देश दिए गए हैं।
आने-जाने को रहेगी बसें
पाण्डूपोल मेले के लिए सरिस्का प्रशासन ने 20 रोडवेज बसों की मांग की है। इनमें 15 रोडवेज बसें सरिस्का के मुख्य गेट तथा पांच बसें टहला से श्रद्धालुओं को लाने व ले जाने का कार्य करेंगी। श्रद्धालु सरिस्का में उमरी तिराहे तक रोडवेज बसों से ही आ व जा सकेंगे। मेले में दो पहिया व चौपहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा।
गंदगी फैलाने पर रहेगी रोक
मेले के दौरान सरिस्का में गंदगी फैलाने पर रोक रहेगी। मेले के दौरान भण्डारा व प्रसाद आदि बेचने वाले गंदगी नहीं फैलाएंगे और कचरे को साफ कर सरिस्का से बाहर निस्तारण करेंगे। भण्डारा करने वालों पर गंदगी को लेकर विशेष निगाह रखी जाएगी।
मेले में चौकसी के निर्देश
पाण्डूपोल मेले में पूर्ण चौकसी के निर्देश वनकर्मियों व होमगार्ड जवानों को दिए गए हैं। चौकसी के लिए होमगार्ड व वनकर्मियों की तैनाती की गई है।
सेढूराम यादव
डीएफओ सरिस्का बाघ परियोजना





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