अलवर. sariska water news जिले में बारिश औसत आंकड़े को छूने में पीछे रही हो, लेकिन सरिस्का बाघ परियोजना में जलस्रोत पानी से लबालब हैं। इसके चलते आगामी मार्च तक सरिस्का में वन्यजीवों के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी। वर्तमान में सरिस्का में छोटे-बड़े करीब 250 जलस्रोत भरे हुए हैं।
इस बार मानसून फीका रहने से अलवर जिले में बारिश का औसत आंकड़ा 350 मिमी को ही पार कर पाया है, जबकि जिले में औसत बारिश 555 मिमी होती है। कम बारिश से पेयजल की समस्या अभी से जलदाय विभाग को परेशान करने लगी है, ऐसे में सरिस्का प्रशासन फिलहाल पानी की समस्या को लेकर राहत में है। सरिस्का में भले ही इस बार रुक-रुक कर बारिश हुई, लेकिन पर्याप्त हुई है। इससे सरिस्का के सभी बड़े जलस्रोतों में पानी की अच्छी आवक हुई है। करनाकाबास, हनुमंतसागर, सिलीबेरी सहित अन्य बड़े जलस्रोतों में पानी की अच्छी आवक होने से फिलहाल वहां पर्याप्त पानी की उपलब्धता है। इसके अलावा एनीकट, नालों में पानी उपलब्धता पर्याप्त है। छोटे व कच्चे जलस्रोत में फिलहाल पानी है।
sariska water news वन्यजीवों का आबादी क्षेत्र में आने का खतरा कम
सरिस्का में पानी की कमी से सबसे ज्यादा खतरा वन्यजीवों का आबादी क्षेत्रों की ओर पलायन का रहता है। पानी की तलाश में कई बार पैंथर एवं अन्य वन्यजीव जंगल छोडकऱ आबादी क्षेत्रों की ओर पलायन कर जाते हैं। इससे आबादी क्षेत्रों में ग्रामीणों पर वन्यजीवों के हमले का खतरा बढ़ जाता है। पूर्व में कई बार पैंथर एवं अन्य वन्यजीवों का आबादी क्षेत्रों में आने का कारण भी पानी की कमी रहा है। इस बार यह खतरा कम रहने की संभावना है।
sariska water news जलस्रोत में पर्याप्त पानी
सरिस्का में इस बार बारिश ठीक हुई है, इससे ज्यादातर जलस्रोतों में पानी की उपलब्धता पर्याप्त है। उम्मीद है कि पानी की उपलब्धता को देखते हुए आगामी मार्च तक वन्यजीवों को पानी की समस्या नहीं होगी।
घनश्याम प्रसाद शर्मा
सीसीएफ, सरिस्का बाघ परियोजना





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