Water Problem in Udaipur धीरेंद्र् कुमार जोशी/उदयपुर. शहर में 11 सितंबर से फिर 48 घंटे में एक बार जलापूर्ति ( Water Supply ) शुरू कर दी गई, लेकिन इससे समाधान होने के बजाय समस्या और भी बढ़ गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सप्लाई का समय कम कर दिया गया, वह भी कम दबाव से। ऐसे में अधिकतर क्षेत्रों में पानी पहुंच ही नहीं रहा।
मानसून ( Mansoon ) से पूर्व शहर ( City ) को पेयजल ( Water ) उपलब्ध करवा रहे जलाशयों में पानी काफी कम बचा था। ऐसे में वॉल सिटी को छोडक़र शेष के अन्य हिस्सों में जलापूर्ति ( Water Supply ) का अंतराल 48 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया गया था। अच्छी बारिश के बाद 48 घंटे में जलापूर्ति होने पर भी लोगों को पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कई क्षेत्रों में पूरी जलापूर्ति हो ही नहीं रही या फिर कम दबाव से। उपभोक्ताओं का कहना है कि जलदाय विभाग की ओर से 72 घंटों में सप्लाई किए जा रहे पानी को ही दो भागों में बांट कर 48 घंटों में दिया जा रहा है।
गोराणा में इतना पानी
मानसून से पूर्व गोराणा बांध में 567 मीटर पानी था, जो बढक़र 576.45 मीटर हो गया है। इस बांध में 450 एमसीएफटी पानी है। 30 एमसीएफटी डेड स्टोरेज है। 70 एमलएलडी पानी वाष्पीकरण हो जाता है। साथ ही 10 प्रतिशत छीजत होता है।
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दे रहे आधी सप्लाई
जब से 48 घंटों में जलापूर्ति की गई है। तब से वार्ड 33 में पानी की भारी समस्या खड़ी हो गई है। 72 घंटे में 1.25 से 1.50 घंटे तक जलापूर्ति दी जा रही थी, लेकिन अब आधे से पौन घंटे में पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। ऐसे में अंतिम छोर पर जरूरत जितना पानी भी नहीं मिल रहा। इस संबंध में अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि मानसी वाकल में पानी की मात्रा कम है ऐसे में पूरे वर्ष पानी की सप्लाई को देखते हुए पानी कम मात्रा में दिया जा रहा है।
- वेणीराम सालवी, पार्षद, वार्ड-33
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इतना पानी आया की बह गया लेकिन
जलाशयों में पूरा पानी आने के बावजूद कम दबाव से आपूर्ति की जा रही है। अरविंदनगर में सोमवार को सप्लाई होनी थी, लेकिन सप्लाई नहीं हुई। एक ओर झीलों से पानी बहाया जा रहा है, वहीं पेयजल के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए नए स्रोत ढूंढने होंगे।
- शंकरलाल सालवी, अरविंद नगर
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वर्जन..
48 घंटे में सप्लाई शुरू किए कुछ ही दिन हुए हैं। थोड़ा सा लेवल कम हो रहा है। उच्चाधिकारियों से बात कर पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए कहा है। जल्द ही व्यवस्था सुचारू होगी।
एमएल भांबी, सहायक अभियंता





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