अलवर. alwar gutkha ban news राज्य सरकार ने प्रदेश में गुटखा पर रोक लगा दी है, लेकिन गुटखे की राजधानी अलवर जिले में ही सरकार के ये फरमान फेल हो गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की दो दिन की सख्ती के बाद अब यहां गुटखा हर दुकान पर धड़ल्ले से बिक रहा है।
राज्य सरकार ने बजट घोषणा में गुटखा पर रोक लगाने की घोषणा की थी। सरकार ने 2 अक्टूबर गांधी जयन्ती से राज्य में पान मसाला, सुपारी, फ्लेवर्ड सुपारी, मैग्नीशियम कार्बोनेट, मिनरल ऑयल और तम्बाकू के उत्पादन और विक्रय पर रोक लगा दी है। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने सभी जिलों के सीएमएचओ को इस सम्बन्ध में कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार के इन आदेशों की पालना में अलवर जिले में दो दिन तो कुछ हरकत नजर आई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिखावे के लिए बड़े गुटखा कारोबारियों के यहां कार्रवाई की, लेकिन इसके बाद सरकार के आदेशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। अब गुटखे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
alwar gutkha ban news दो दिन में चार सेम्पल लेकर इतिश्री
सरकार के आदेशों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 2 अक्टूबर को शिकारीबास स्थित मामा सुपारी और इटाराणा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जयन्ती सुपारी की फैक्ट्री पर कार्रवाई की। दोनों के यहां से पैकिंग सुपारी और पैक होने जा रही सुपारी के सेम्पल लिए गए। इसके अगले दिन 3 अक्टूबर को मुंशी बाजार स्थित विमल जैन की फैक्ट्री से सुपारी और केडलगंज स्थित फैक्ट्री से जैन सुपारी का सेम्पल लिया गया, लेकिन फैक्ट्री या स्टॉक सीज नहीं किया गया। इसके बाद विभाग ने एक भी गुटखा व्यवसायी के यहां कार्रवाई नहीं की।
alwar gutkha ban news खुलेआम बिक रहा गुटखा, जिम्मेदारों ने आंखें मूंदी
जिले में हर परचून की दुकान और पान-बीड़ी के खोखों पर खुलेआम गुटखा बिक रहा है। अलवर में विभिन्न ब्रांड नाम के अलावा बिना नाम के लाल, पीली, गुलाबी और सफेद आदि पुडिय़ा में गुटखा बड़े स्तर पर बिक रहा है, लेकिन इन पर कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
सख्ती से कार्रवाई होगी
सरकार के आदेशों के बाद अलवर में चार बड़ी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते हुए सुपारी के सेम्पल लिए गए थे। इन सेम्पलों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई। कुछ व्यस्तता के कारण बीच में कार्रवाई नहीं कर पाए थे। जल्द ही गुटखे के खिलाफ जिले में सख्ती से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- डॉ. ओपी मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अलवर।





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