रेवाड़ी-हरियाणा. alwar hariyana election news हरियाणा के चुनावी दंगल में इस बार दक्षिण हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र में चुनावी गणित कुछ उलझा है। अहीरवाल के मुख्य गढ़ माने जाने वाले रेवाड़ी जिले में इस बार मुकाबला काफी रोचक होता दिखाई पड़ रहा है। गत विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी की तीनों पर सीटों पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन इस बार भाजपा को अपना गढ़ बचाने में पसीने छूट रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भाजपा के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के हुड्डा स्टेडियम में चुनावी रैली के लिए आना पड़ा।
गुरुग्राम से सटे रेवाड़ी जिले के तहत आने वाली तीनों विधानसभा सीटों पर इस बार चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए हैं। रेवाड़ी, बावल व कोसली तीनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने दो-दो उम्मीदवार बदले हैं। वर्ष 2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा की लहर में रेवाड़ी जिले की तीनों सीटों पर कांग्रेेस का सफाया हो गया था। इतना ही नहीं रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार जीत दर्ज कराने वाले पूर्व मंत्री कप्तान अजयसिंह यादव भी इस लहर में चुनाव हार गए थे। इस बार उन्होंने खुद चुनाव मैदान में उतरने के बजाय अपने पुत्र चिंरजीवी राव को मैदान में उतारा है। वहीं बावल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री डॉ. एमएल रंगा को उम्मीदवार बनाया है। डॉ. रंगा इनेलो सरकार में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के टिकट पर यह उनका पहला चुनाव है। वहीं कोसली से राव यादुवेन्द्र सिंह पर ही कांग्रेस ने फिर से दांव खेला है।
alwar hariyana election news भाजपा ने दो विधायकों के टिकट काटे
पिछले विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी जिले की तीनों ही सीटों पर जीत दर्ज कराने के बावजूद भाजपा ने इस बार अपने दो विधायकों के टिकट काट दिए और उनकी जगह नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा है। इनमें रेवाड़ी से रणधीरसिंह कापड़ीवास का टिकट काटकर सुनील यादव, कोसली से पूर्व मंत्री विक्रम सिंह यादव का टिकट काटकर लक्ष्मण यादव को प्रत्याशी बनाया है।
alwar hariyana election news इनेलो व जेजेपी ने भी उतारे नए चेहरे
इस बार इनेलो ने भी तीनों विधानसभा क्षेत्रों मेंजिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, वे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं जेजेपी ने कोसली व रेवाड़ी से नए चेहरों पर दांव लगाया है।
रेवाड़ी में सबसे रोचक मुकाबला
अहीरवाल के रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में सबसे रोचक मुकाबला होने के आसार हैं। वैसे तो यहां 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के सुनील यादव, कांग्रेस के चिंरजीवी राव व भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार रणधीरसिंह कापड़ीवास के बीच दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस परम्परागत वोटों के साथ ही जातीय वोट तथा पार्टीगत वोटों के चुनावी वैतरणी को पार करने उम्मीद बांधे बैठी है। वहीं निर्दलीय रणधीर सिंह कापड़ीवास छवि व भाजपा से टिकट कटने की सहानुभूति लहर पर सवार होकर चुनावी ताल ठोक रहे हैं। रेवाड़ी से निर्दलीय उम्मीदवार प्रशांत यादव उर्फ सन्नी भी जातिगत व युवा वोटों के सहारे आस बांधे हैं। हालांकि रेवाड़ी जिले में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री मोदी, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा, जेजेपी के दुष्यंत चौैटाला बाबल तथा स्वराज इंडिया के योगेन्द्र यादव सहित कुछ अन्य नेता चुनाव प्रचार कर चुके हैं, लेकिन चुनावी दंगल अभी उलझा है।
स्टार प्रचारकों के दौरे के बाद भी माहौल शांत
रेवाड़ी जिले में भाजपा, कांग्रेस व अन्य दलों के स्टार प्रचारकों के प्रचार के बाद भी चुनावी माहौल शांत दिखाई देता है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन जरूर घंटेश्वर मंदिर मार्केट में कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार सामग्री लगाते दिखे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी की हुड्डा मैदान में रैली होने के कारण भाजपा के झंडे लगे लाउडस्पीकर से प्रचार करते कुछ ऑटो दौड़ते दिखाई दिए। इसके अलावा अन्य दलों के झंडे लगे वाहन भी दिखाई दिए।
चुनाव में मुद्दे गौण, चेहरों पर जोर
रेवाड़ी में चुनाव प्रचार थमने के कुछ घंटे पहले तक चुनावी मुद्दे गौण दिखाई दिए। प्रचार अभियान के दौरान भी प्रत्याशियों का ज्यादा जोर मुद्दों के बजाय प्रत्याशियों के चेहरों पर रहा। बड़े नेता जरूर राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करते दिखे। रेवाड़ी के घंटेश्वर मंदिर मुख्य मार्केट के व्यापारी दीपक जैन कहते हैं कि इस बार चुनाव मुद्दों पर नहीं, बल्कि राजा व प्रजा के बीच लड़ा जा रहा है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी चयन को भी गलत बताया और कहा कि इस बार भाजपा में केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है। यहीं के व्यापारी संदीप शर्मा का कहना था कि चुनाव प्रचार के दौरान मुद्दे कहीं दिखाई नहीं दिए। प्रत्याशियों ने वादे तो किए, लेकिन रेवाड़ी की मुख्य समस्या पर चर्चा नहीं की। घंटेश्वर मंदिर स्थित दुकानदार हरीश कुमार ने कहा कि इस चुनाव में कुछ हद तक राष्ट्रीय मुद्दों का प्रभाव पडऩा तय है। कश्मीर में धारा 370 हटाने सहित अन्य राष्ट्रीय मुद्दे भी चुनाव में असरकारक रहेंगे। रेवाड़ी के बाजारवाड़ा निवासी हरजीत मेहंदीरत्ता का कहना था कि प्रचार के दौरान किसी भी प्रत्याशी ने विकास के मुद्दे पर बात नहीं की। इस बार चुनाव में भाजपा का टिकट वितरण ही मुख्य मुद्दा है। इस कारण रेवाड़ी में इस बार हार जीत कम अंतर से रह सकती है। वही कमला पैलेस के व्यापारी दीपक कुमार का कहना था कि चुनाव में मुद्दे कहीं नजर नहीं आते। चर्चा है तो केवल कांगे्रेस नेता सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मोदी व अन्य लोगों के दौरों की रही है।
यादव बहुल क्षेत्र में ज्यादातर प्रत्याशी यादव ही
अहीरवाल के रेवाड़ी जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र यादव बहुल हैं, इस कारण ज्यादातर पार्टियों ने भी जातीय समीकरण को साधने के लिए यादव वर्ग से ही प्रत्याशी उतारे हैं। इस कारण यादव वोटों में बंटवारा होना तय माना जा रहा है। जिससे गैर यादव मत तीनों ही सीटों पर निर्णायक की भूमिका में हैं।





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