अलवर alwar political news हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजो का प्रदेश की राजनीति पर भले ही सीधा प्रभाव नही पड़े, लेकिन इसका अहीरवाल की राजनीति पर दूरगामी असर होना तय है। इसका कारण हरियाणा के अहीरवाल का अलवर जिले से गहरा नाता होना है।
अलवर जिले के अहीरवाल में शामिल बहरोड़, मुंडावर, तिजारा, भिवाड़ी, बानसूर, किशनगढ़बास आदि क्षेत्रों का हरियाणा के रेवाड़ी, बावल, कोसली, नारनोल, महेंद्रगढ़ सहित अहीरवाल के अन्य विधानसभा इलाकों से रोटी बेटी का नाता रहा है। इसी के चलते दोनों प्रदेश के अहीरवाल की राजनीति व अन्य घटनाओं का सीधा असर होता रहा है। यही कारण है कि इस बार हरियाणा के अहीरवाल में हुए राजनीतिक उलटफेर का अलवर जिले के अहीरवाल की राजनीति पर वर्तमान में कम लेकिन आगामी समय ज्यादा पड़ने के आसार है।
alwar political news अहीरवाल में भाजपा का एकाधिकार टूटा
पिछले हरियाणा विधानसभा चुनाव में अहीरवाल की सभी 13 सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया, लेकिन इस बार रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ जैसे गढ़ में भाजपा को हार झेलनी पड़ी है। इस बार अहीरवाल में कांग्रेस व जेजेपी ने भाजपा की राह रोकी है। इस राजनीतिक बदलाव का प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में अलवर जिले के अहीरवाल की भाजपा व कांग्रेस की राजनीति पर दिखाई पड़ सकता हैं।
alwar political news आधे जिले की राजनीति का जुड़ाव हरियाणा से
हरियाणा के चुनाव परिणाम का असर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में अलवर जिले के करीब आधे विधानसभा क्षेत्रों मे पड़ सकता है। इसका कारण आधे अलवर जिले का हरियाणा से जुड़ाव होना है।
alwar political news मेवात के परिणाम का भी होगा असर
हरियाणा के मेवात का अलवर जिले के मेवात से सीधा जुड़ाव है। हरियाणा के नूह, फिरोजपुर झिरका सहित आसपास के इलाकों का सम्बन्ध अलवर जिले के रामगढ़, लक्ष्मणगढ़, तिजारा, किशनगढ़बास से रहा है। इस कारण मेवात में भी हरियाणा चुनाव परिणाम का असर पड़ना तय माना जा रहा है।
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