उदयपुर/ कानोड़. pani ki samasya नगर पालिका इलाके में केबल बिछाने के नाम पर निजी टेलीकॉम कंपनी की मनमानी नगरवासियों के लिए जल संकट की वजह बन गई है। खुदाई के दौरान नगर की सड़कों के नीचे दबी जलदाय विभाग की लाइनें टूटने के साथ ही जलापूर्ति बाधित है। आलम यह है कि बीते चार दिनों से शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं को पीने के नाम पर एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ है। अतिवृष्टि वाली बरसात के बावजूद लोगों के कंठ सूखे हुए हैं। जलापूर्ति बिल्कुल ठप्प है। इतना ही नहीं मनमानी खुदाई से लोगों का सड़क पर चलना दुश्वार हो गया है। सड़क पर दुपहिया वाहन सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सबसे व्यस्त जोन बस स्टैण्ड चौराहे पर खोदा गया गहरा गड्ढा आशंकाओं को जन्म दे रहा है। चिकित्सालय के सामने खुदाई के बाद छोड़ी मिट्टी लोगों को गिरा रही है। सूरजपोल चौराहे के पास बीते एक सप्ताह से खुदाई वाले लाइनों को ढकने वाला कोई नहीं है। पूरे मामले में खास यह है कि कंपनी का ठेकेदार प्रतिनिधि लोक निर्माण विभाग का हवाला देकर मनमानी से शहर खुदवा रहा है। लोगों को राहत के नाम पर वह पीडब्ल्यूडी के खाते में 16 लाख रुपए जमा कराने की धौंस दिखाने से भी बाज नहीं आ रहा।
अधरझूल में क्षेत्र का 'गौरवÓ
हकीकत में नगर क्षेत्र में पहले ही गौरव पथ निर्माण कार्य चालू है। इसको लेकर कुछ खास जगहों पर पहले ही लोग खुदाई का दंश झेल रहे हैं। दूसरी ओर निजी कंपनी की ओर से जारी खुदाई कोढ़ में खाज बनी हुई है। केबल खुदाई के बीच गौरवपथ निर्माण का भविष्य भी अधरझूल में आ गया है। समस्या को लेकर अब लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। बावजूद इसके प्रशासनिक जिम्मेदार खामियों को लेकर मौन साधे हुए हैं।
नहीं है अनुमति
डामर सड़क खोदने की अनुमति नहीं है। ठेकेदार स्तर पर मनमानी खुदाई की जानकारी भी नहीं है। ग्रामीण सड़कों को सुधारने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। शहरी क्षेत्र में खोदी गई सड़कों के लिए सरकार को लिखा जाएगा। pani ki samasya बजट के अभाव में कुछ जगहों पर सड़कों की स्थिति खराब है।
गोतम नलवाया, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी भीण्डर





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