खुशालसिंह भाटी
जालोर. जालोर के एक दानदाता ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अनूठा गुप्त दान किया है। इस दानदाता ने शहर के हनुमानशाला स्थित राजकीय स्कूल के उजाड़ मैदान को हरियाली से आच्छादित करने के लिए पहली कड़ी में अपने स्तर पर पौधे उपलब्ध करवाए और उनके संरक्षण के लिए सुरक्षा जालियां भी उपलब्ध करवाई है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में स्वयं का नाम कहीं पर भी उजागर नहीं किया है। फिलहाल स्कूल परिसर में 11 पौधे लगाकर उनके सुरक्षा जालियां लगाई जा चुकी है। मामले में यह खास बात यह है कि ये 11 पौधे स्कूल के ही बच्चों ने लगाए हैं और उनके संरक्षण और पानी पिलानी की जिम्मेदारी भी इन्हीं बच्चों पर है। ये बच्चे स्कूल के टॉपर्स है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि स्कूल परिसर हरियाली की कमी है और पेड़ पौधे नहीं है। इसी कारण से दानदाता ने इस स्कूल को चिह्नित किया है। पहली कड़ी में पौधे लगाए जा चुके हैं और उनकी जिम्मेदारी भी तय है। यदि इनमें से कुछ पौधे नहीं पनप पाते हैं तो फिर से उसकी जगह नया पौध लगाया जाएगा, यह पौधा दानदाता ही उपलब्ध करवाएंगे, हालांकि इसके संरक्षण की जिम्मेदारी बच्चे पर ही है।
7 पौधे बेटियों के नाम
इन 11 पौधों में से 7 की जिम्मेदारी स्कूली 7 छात्राओं सानिया, गुडिया बानु, तनीशा, माफी, कोमल, कागज, प्रियंका पर ही है। जबकि 4 की जिम्मेदारी भावेश, तालिम, मोडाराम, आनंदसिंह पर है। प्रत्येक पौधे पर उसे लगाने वाले विद्यार्थी या जिस पर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी दी गई है, उसका नाम भी कलर से लिखवाया गया है। साथ ही उस छात्र की कक्षा भी अंकित की गई है।
कुछ परेशानी आई, उनका भी समाधान किया
इस स्कूल मैदान में बारिश के मौसम में पानी का भराव हो जाता है, इसलिए इसका तल क्षारीय है। ऐसे में यहां पेड़ पौधे नहीं पनपते हैं। इस स्थिति को भांपते हुए दानदाता ने जेसीबी ने पौधों के लिए बड़े बड़े गड्ढे खुदवाए और उनमें उपजाऊ मिटï्टी पहुंचाई गई है। जिसमें पौध रोपण किया गया है, ताकि पौधे आसानी से पनप सके।
बच्चों ने कहा निभाएंगे जिम्मेदारी
इस अनूठी पहल पर संबंधित बच्चों का कहना है कि पौधे लगाने के साथ साथ वे इन पौधों को अब नियमित पानी भी पिलाएंगे। सानिया, तनीशा समेत सभी विद्यार्थियों का कहना था कि उनका प्रयास है कि इस मैदान में जल्द ही पौधे लहलहाने लगे। प्रधानाध्यापिका कविता व्यास, अर्चना हर्ष, सोनिया देवड़ा और हीराराम सैनी के निर्देशन में विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी यह जिम्मेदारी भली भांति निभा रहे हैं।





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